Subhadeep Ghosh New Fielding Coach: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भारतीय सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। जिम्बाब्वे, आयरलैंड और इंग्लैंड के हालिया दौरों पर भारतीय खिलाड़ियों द्वारा छोड़े गए आसान कैचों और सुस्त ग्राउंड फील्डिंग की समीक्षा के बाद, बोर्ड ने निवर्तमान फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल आगे न बढ़ाने का फैसला किया। उनकी जगह अब असम के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर सुभदीप घोष को टीम इंडिया का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है।
गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद सपोर्ट स्टाफ में यह पहला ऐसा बदलाव है, जिसने घरेलू क्रिकेट में सालों से पर्दे के पीछे काम कर रहे एक अनुभवी चेहरे को सीधे अंतरराष्ट्रीय स्पॉटलाइट में ला खड़ा किया है।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
क्रिकेट के आधुनिक दौर में अक्सर कहा जाता है कि ‘कैचेस विन मैचेस’। टी दिलीप के कार्यकाल में भारतीय टीम ने ड्रेसिंग रूम में ‘बेस्ट फील्डर मेडल‘ देने की एक बेहद लोकप्रिय परंपरा शुरू की थी, जिसने प्रशंसकों का खूब मनोरंजन किया। लेकिन हाल के दौरों पर मैदान के भीतर आंकड़ों की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। टी20 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनने के बावजूद भारत ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 16 कैच टपकाए थे। इसके बाद इंग्लैंड के दौरे पर भी फील्डिंग का स्तर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। न्यूज़ एजेंसी PTI और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टीम के इस लचर प्रदर्शन के बाद बोर्ड के लिए एक ‘रीसेट बटन’ दबाना बेहद जरूरी हो गया था।
यह भी पढ़ लीजिए: Asian Games 2026: जापान में टीम इंडिया की सीधी एंट्री, जानें क्यों बिना शुरुआती मैच खेले सीधे क्वार्टर फाइनल खेलेगा भारत?
कौन हैं सुभदीप घोष?
क्रिकेट जगत में कई लोग पूछ रहे हैं कि मोहम्मद कैफ या सुरेश रैना जैसे बड़े नामों की जगह सुभदीप घोष को क्यों चुना गया? इसका जवाब उनके काम के प्रोफाइल में छिपा है। सुभदीप घोष कोई हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल खिलाड़ी नहीं रहे हैं, बल्कि उन्होंने असम और रेलवे के लिए कुल 17 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हैं। हालांकि, एक खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर सीमित रहा, लेकिन एक फील्डिंग कोच के रूप में उनका काम बेहद प्रभावशाली रहा है। वह पिछले 6-7 सालों से नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में राहुल द्रविड़ की देखरेख वाले सिस्टम का अहम हिस्सा रहे हैं।

सुभदीप ने भारत की अंडर-19 टीम (2024 वर्ल्ड कप अभियान सहित) और ‘इंडिया ए’ टीम के साथ जमीनी स्तर पर काम किया है। यानी टीम इंडिया के वर्तमान युवा खिलाड़ी (जैसे शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल) उनके कोचिंग स्टाइल से पहले से वाकिफ हैं। वह आईपीएल में Kolkata Knight Riders (2014 चैंपियन स्टाफ) और दिल्ली कैपिटल्स के साथ-साथ 2021 में और भारतीय महिला टीम के फील्डिंग कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
श्रीलंका टेस्ट से होगी अग्निपरीक्षा
सुभदीप घोष का पहला असाइनमेंट अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज होगी। श्रीलंका की टर्निंग और धीमी पिचों पर क्लोज-इन फील्डिंग (स्लिप और सिली पॉइंट) की भूमिका सबसे बड़ी होती है। वहां एक-एक आधा मौका मैच का रुख बदल देता है। और ग्राउंड ज़ीरो पर खिलाड़ियों की शारीरिक फुर्ती के साथ-साथ उनके मानसिक तालमेल को भी दुरुस्त करना सुभदीप के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सुभदीप घोष ड्रेसिंग रूम के उस ‘मेडल कल्चर’ को जारी रखते हैं, या फिर भारतीय टीम को ग्राउंड पर वापस उसी पुरानी आक्रामकता और मुस्तैदी के साथ खड़ा करते हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
———————- समाप्त ———————

Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.
