ICC Big Action: भारतीय मूल के क्रिकेटर पर 8 साल का बैन, सबूत मिटाने को डिलीट की थी WhatsApp चैट

नई दिल्ली, 3 अगस्त 2026:

ICC Big Action: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के खिलाफ सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट ने कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर  Bodugum Akhilesh Reddy पर सभी तरह के क्रिकेट खेलने से 8 साल का प्रतिबंध लगा दिया है।

हैरान करने वाली बात यह है कि इस खिलाड़ी ने अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए आईसीसी जांच टीम को अपना फोन सौंपने से पहले WhatsApp चैट्स और कॉल लॉग्स तक डिलीट कर दिए थे। लेकिन आईसीसी के डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के आगे खिलाड़ी की चालाकी काम नहीं आई।

हैदराबाद से अमेरिका तक का सफर

26 वर्षीय ऑफ-स्पिनर और ऑलराउंडर अखिलेश रेड्डी का क्रिकेट सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा रहा है, लेकिन इसका अंत बेहद निराशाजनक हुआ। मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले अखिलेश एक समय भारतीय घरेलू क्रिकेट का उभरता हुआ नाम थे। वे भारत में विजय हजारे ट्रॉफी की टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं।

इतना ही नहीं, उन्होंने आईपीएल  फ्रैंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए बतौर नेट बॉलर भी लंबे समय तक काम किया था, जहां उन्होंने बड़े-बड़े भारतीय बल्लेबाजों को गेंदबाजी की। इसके बाद वे बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका शिफ्ट हो गए और वाशिंगटन फ्रीडम फ्रैंचाइजी से भी जुड़े। अप्रैल 2025 में उन्होंने अमेरिका की राष्ट्रीय टीम के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया और कुल 4 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। लेकिन चंद पैसों के लालच ने उनके शानदार करियर पर हमेशा के लिए फुलस्टॉप लगा दिया।

होटल के कमरे में रची गई थी साजिश

आईसीसी ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खेली गई ‘अबू धाबी T10 लीग 2025′ के दौरान का है, जहां अखिलेश एस्पिन स्टैलियंस  टीम की तरफ से खेल रहे थे।

एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2025 की सुबह टूर्नामेंट के पहले मैच से ठीक पहले एक होटल के कमरे में अखिलेश ने अपनी ही टीम के एक साथी खिलाड़ी को सटोरियों  के कहने पर गेंदबाजी के दौरान ‘अतिरिक्त रन लुटाने’ का ऑफर दिया था। हालांकि, उस ईमानदार खिलाड़ी ने इस गंदे खेल का हिस्सा बनने से साफ मना कर दिया और तुरंत इसकी रिपोर्ट आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट  को कर दी।

ICC Big Action
अखिलेश रेड्डी

आईसीसी कोड के इन 3 बड़े नियमों को तोड़ा

माइकल जे बेलॉफ केसी की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय आईसीसी ट्रिब्यूनल की सुनवाई के बाद अखिलेश को एंटी-करप्शन कोड के तीन अलग-अलग उल्लंघनों का दोषी पाया गया:

  1. फिक्सिंग का प्रयास (अनुच्छेद 2.1.1): अबू धाबी T10 लीग के मैचों के नतीजों या प्रगति को अनुचित तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करना।
  2. दूसरे खिलाड़ी को उकसाना (अनुच्छेद 2.1.4): खुद तो इस दलदल में कूदे ही, साथ ही अपनी ही टीम के साथी खिलाड़ी को भी फिक्सिंग के लिए राजी करने और पैसे का लालच देने की कोशिश की।
  3. सबूत मिटाना और जांच में बाधा (अनुच्छेद 2.4.7): पूछताछ शुरू होने से ठीक पहले अखिलेश ने अपने आईफोन से व्हाट्सएप चैट और कॉल डेटा डिलीट कर दिए। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि यह उनकी रूटीन ‘डेटा क्लीनिंग’ थी, जिसे आईसीसी ने सिरे से खारिज करते हुए इसे जांच भटकाने का गंभीर अपराध माना।

2033 तक नहीं छू पाएंगे बल्ला या गेंद

आईसीसी ने साफ किया है कि अखिलेश रेड्डी पर लगा यह 8 साल का प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा, जब उन्हें पहली बार अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया था। अब यह खिलाड़ी साल 2033 तक दुनिया के किसी भी कोने में न तो प्रोफेशनल क्रिकेट खेल पाएगा और न ही किसी कोचिंग या क्रिकेटिंग एक्टिविटी का हिस्सा बन सकेगा।

युवाओं के लिए यह घटना एक बहुत बड़ा सबक है। आज के डिजिटल युग में जब आईसीसी और ग्लोबल स्पोर्ट्स बोर्ड्स की एंटी-करप्शन टीमें बेहद आधुनिक तकनीक और मिलिट्री-ग्रेड डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल करती हैं, वहां किसी भी खिलाड़ी का बच पाना नामुमकिन है। यह घटना दर्शाती है कि शॉर्टकट का रास्ता हमेशा करियर की तबाही पर जाकर ही खत्म होता है।

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