ट्रैविस हेड बाहर Nikhil Chaudhary भारतीय मूल का लड़का अब खेलेगा ऑस्ट्रेलिया टीम में

दिल्ली में जन्मे और कभी भारतीय घरेलू क्रिकेट खेलने वाले Nikhil Chaudhary का ऑस्ट्रेलिया की टी-20 टीम में शामिल होना किसी परीकथा से कम नहीं है। ट्रेविस हेड के व्यक्तिगत कारणों से हटने के बाद, भारतीय मूल के इस ऑलराउंडर को ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिली है, और उनका संघर्षों से भरा सफर हर भारतीय का दिल जीत रहा है।

दिल्ली से ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक सफर:

क्रिकेट की दुनिया में अक्सर जादुई और प्रेरणादायक कहानियां सामने आती रहती हैं, लेकिन भारतीय मूल के ऑलराउंडर निखिल चौधरी की दास्तान इनमें सबसे खास है। नई दिल्ली में जन्मे और पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके Nikhil Chaudhary ने इतिहास की दहलीज पर कदम रख दिया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने उन्हें आगामी टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में अनुभवी बल्लेबाज ट्रैविस हेड के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया है। यह खबर न केवल निखिल के लिए एक बहुत बड़ा मुकाम है, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक भावुक पल है।

ट्रैविस हेड की जगह राष्ट्रीय टीम में बुलावा

आईपीएल 2026 की नीलामी (IPL 2026 Auction) में भी निखिल का नाम अनकैप्ड इंडियन (Uncapped Indian) के तौर पर शामिल रहा था, और वह बेल्जियम की टी-20 लीग (EUT20) में भी अपनी धाक जमा चुके हैं।अब उनके करियर का सबसे बड़ा और स्वर्णिम अध्याय लिखा गया है।

विस्फोटक ओपनर ट्रैविस हेड के व्यक्तिगत कारणों से टीम से हटने के बाद, ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने निखिल चौधरी को टी-20 स्क्वॉड में शामिल कर लिया है। यदि उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन (Playing XI) में डेब्यू करने का मौका मिलता है, तो वह 1964 के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले भारत में जन्मे पहले पुरुष क्रिकेटर बन जाएंगे।

Nikhil Chaudhary
भारतीय मूल के Nikhil Chaudhary को आस्ट्रेलिया टीम में खेलनेको मौका मिला (Photo: Internet)

दिल्ली और पंजाब की गलियों से बिग बैश लीग तक

Nikhil Chaudhary का जन्म 4 मई 1996 को दिल्ली में हुआ था। हालांकि, उनके माता-पिता उन्हें बहुत छोटी उम्र में पंजाब ले गए थे। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनूनी निखिल ने अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया और महान स्पिनर हरभजन सिंह, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ पंजाब की सीनियर टीम के लिए भी खेले।

उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया था।इसके बाद साल 2019 का एक ऐसा दौर आया जो हर भारतीय क्रिकेटर के सपने को प्रभावित कर सकता था। निखिल मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के ट्रायल्स में भी शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उन्हें तलाश थी।

कोविड-19 का दौर और ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष की नई शुरुआत

Nikhil Chaudhary 2020 की शुरुआत में अपने रिश्तेदारों से मिलने ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड गए थे। लेकिन तभी कोरोना महामारी (COVID-19) के कारण दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद हो गईं और Nikhil Chaudhary वहीं फंस गए। उस मुश्किल घड़ी में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और ऑस्ट्रेलिया में ही अपने क्रिकेट करियर को नए सिरे से संवारने का फैसला किया।Nikhil Chaudhary ने अपनी आजीविका चलाने और क्रिकेट के सपनों को जिंदा रखने के लिए ऑस्ट्रेलिया में कई अजीबोगरीब और कठिन काम किए।

उन्होंने एक मैक्सिकन रेस्टोरेंट में काम किया, उबर (Uber) चलाई और लगभग तीन सालों तक ‘ऑस्ट्रेलिया पोस्ट’ (Australia Post) में पोस्टमैन (कूरियर) के रूप में पार्सल भी बांटे। इस दौरान वे मेलबर्न और ब्रिस्बेन के लोकल क्लब और ग्रेड क्रिकेट में लगातार पसीना बहाते रहे।

होबार्ट हरिकेंस के लिए शानदार प्रदर्शन

उनकी इस मेहनत का फल उन्हें तब मिला जब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर और कोच जेम्स होप्स की सिफारिश पर उन्हें बिग बैश लीग (BBL) में ‘होबार्ट हरिकेंस’ की तरफ से खेलने का मौका मिला। निखिल ने बीबीएल में अपनी तूफानी बल्लेबाजी, आक्रामक खेल और अपनी लेग-स्पिन गेंदबाजी से जबरदस्त तहलका मचाया।

मैदान पर उनके ‘कबड्डी-स्टाइल’ के सेलिब्रेशन ने फैंस के बीच उन्हें काफी लोकप्रिय बना दिया।Nikhil Chaudhary ने पिछले कुछ सीजन्स में ताबड़तोड़ पारियां खेलकर (जैसे मात्र 38 गेंदों में नाबाद 79 रन) सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने शेफील्ड शील्ड (Sheffield Shield) में तस्मानिया के लिए खेलते हुए शानदार शतक भी जड़ा, जो उनके बेहतरीन फॉर्म का प्रमाण है।

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