Lord’s Test: भारतीय बेटियों का ऐतिहासिक धमाका, इंग्लैंड को 270 रनों से दी करारी शिकस्त

लॉर्डLord’s Test: क्रिकेट की दुनिया में कुछ मुकाबले सिर्फ मैच नहीं होते, वो एक नए युग की इबारत लिखते हैं। 9 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जो किया, उसने विमेंस क्रिकेट के इतिहास को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया है। भारतीय टीम ने एकमात्र टेस्ट मैच के चौथे दिन, यानी 13 जुलाई 2026 को मेजबान इंग्लैंड को 270 रनों के भारी अंतर से हराकर एक ऐसी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसकी गूंज सालों तक सुनाई देगी।

457 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम मैच के चौथे और आखिरी दिन केवल 186 रनों पर सिमट गई। इस मैच में ‘विमेन इन… ब्लू’ ने खेल के हर विभाग (बैटिंग, बॉलिंग और कप्तानी) में इंग्लैंड को पूरी तरह आउटक्लास  कर दिया।

आइए गहराई से समझते हैं इस मैच की पूरी कहानी और उन रणनीतियों को, जिन्होंने भारत को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई।

पहली पारी  मंधाना-हरमनप्रीत की  पार्टनरशिप

मैच के पहले दिन 9 जुलाई 2026 टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। लॉर्ड्स की हरी घास वाली पिच पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल रही थी। भारत ने जल्दी विकेट गंवा दिए थे, लेकिन संकट के समय उपकप्तान स्मृति मंधाना (83 रन) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (58 रन) ने मोर्चा संभाला।

दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि इंग्लैंड के आक्रामक बॉलिंग अटैक के सामने ‘माइंड गेम्स’ खेले। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट की और इंग्लिश गेंदबाजों को अपनी लाइन-लेंथ बदलने पर मजबूर किया, जिससे भारत पहली पारी में 285 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सका।

क्रांति गौड़ की ‘स्विंग मास्टरक्लास’ जिसने इंग्लैंड की कमर तोड़ी

मैच के दूसरे दिन 10 जुलाई 2026 को जब इंग्लैंड बल्लेबाजी करने उतरा, तो पिच बल्लेबाजों के अनुकूल लग रही थी। लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्पेल डाला। क्रांति ने हवा में गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराते हुए इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने महज 27 रन देकर 5 विकेट (5/27) चटकाए

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक ‘ऑनर्स बोर्ड’  पर 5 विकेट लेने का कारनामा करने वाली क्रांति पहली भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं। उनकी इस घातक गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड पहली पारी में सिर्फ 170 रनों पर सिमट गया और भारत को 115 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।

यास्तिका भाटिया: लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर

पहली पारी की बढ़त के बाद भारत को दूसरी पारी में एक बड़े स्कोर की जरूरत थी ताकि इंग्लैंड को मैच से पूरी तरह बाहर किया जा सके। तीसरे दिन 11-12 जुलाई  को विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने इतिहास रच दिया। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए यास्तिका ने क्लासिकल कवर ड्राइव और स्पिनरों के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए 113 रनों की यादगार पारी खेली।

विमेंस क्रिकेट के इतिहास में लॉर्ड्स के मैदान पर आज तक कोई भी महिला खिलाड़ी टेस्ट शतक नहीं लगा पाई थी। यास्तिका ने इस रिकॉर्ड को तोड़ा और स्मृति मंधाना (70 रन) के साथ मिलकर भारत का स्कोर 341/7 तक पहुँचाया, जहाँ चौथे दिन की सुबह हरमनप्रीत ने पारी घोषित कर दी।

स्नेह राणा का ‘स्पिन जाल’ और चौथी पारी की रणनीति

चौथी पारी में इंग्लैंड के सामने 457 रनों का असंभव लक्ष्य था। आखिरी दिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी कप्तानी का बेहतरीन इस्तेमाल किया। उन्होंने तेज गेंदबाजों के बजाय ऑफ स्पिनर स्नेह राणा को जल्दी आक्रमण पर लगाया। स्नेह ने पिच के रफ पैचेस  का पूरा फायदा उठाया। सोफी एक्लेस्टोन (50) और एमी जोन्स (54) ने कुछ देर संघर्ष किया, लेकिन स्नेह राणा की फिरकी (4/42) के सामने इंग्लिश टीम ने घुटने टेक दिए। सायली सतघरे और दीप्ति शर्मा ने भी 2-2 विकेट लेकर उनका बखूबी साथ निभाया। और इसी के साथ  भारतीय महिला टीम ने 270 रनों से मुक़ाबला जीत लिया ।

Lord's Test
भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को ऊनी के घर में 270 रनों से हराकर इतिहास रच दिया ।

दो दिग्गजों की विदाई और एक भावुक पल

यह मैच सिर्फ भारत की जीत के लिए नहीं, बल्कि विमेंस क्रिकेट की दो महान खिलाड़ियों की विदाई के लिए भी याद रखा जाएगा। इंग्लैंड की पूर्व कप्तान हीथर नाइट और स्टार बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम ने खेल भावना दिखाते हुए दोनों खिलाड़ियों को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया, जिसने लॉर्ड्स में मौजूद हर दर्शक का दिल जीत लिया।

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