IND vs ENG 1st ODI,: क्रिकेट में कहते हैं कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। टी20 सीरीज में इंग्लैंड की युवा और आक्रामक ब्रिगेड के सामने घुटने टेकने वाली भारतीय टीम ने मंगलवार ,14July 2026 को एजबेस्टन के मैदान पर अपनी असली ताकत दिखाई. रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गजों की मैदान पर वापसी ने न सिर्फ टीम का हौसला बढ़ाया, बल्कि मेजबान इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया।
एक समय जब 259 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 11 रन के भीतर अपने 3 मुख्य विकेट गंवा दिए थे, तब लग रहा था कि मैच हाथ से फिसल चुका है. कप्तान गिल का रिटायर्ड हर्ट होना, श्रेयस अय्यर का रन आउट और केएल राहुल का बोल्ड होना भारत के लिए बड़ा झटका था। लेकिन संकट के उस घड़ी में अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर संकटमोचक बनकर उतरे।दोनों ने दबाव को महसूस किया , सूझबूझ दिखाई और भारत को 28 गेंद शेष रहते एक यादगार जीत दिला दी।
टॉस का फैसला और बुमराह-अक्षर का शुरुआती प्रहार
मैच की शुरुआत इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक के टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले से हुई। घरेलू दर्शकों के शोर के बीच इंग्लैंड एक बड़े स्कोर की उम्मीद में उतरा था, लेकिन जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में भारतीय तेज गेंदबाजों और फिर स्पिनर अक्षर पटेल ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया। जैकब बेथेल और बेन डकेट ने थोड़ी देर संघर्ष किया लेकिन जल्द ही पैवेलियन लौट गए।
इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने मिडिल ऑर्डर की कमर तोड़ते हुए जोस बटलर (5) और सैम करन (0) को लगातार गेंदों पर आउट किया। अक्षर पटेल की घूमती गेंदों के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज बेबस नजर आए और महज 107 रनों पर मेजबान टीम के 6 विकेट गिर चुके थे, जिससे ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड की पारी 150 रनों के भीतर सिमट जाएगी।
रूट और डॉसन का जुझारू पलटवार
जब इंग्लैंड गहरे संकट में था, तब पूर्व कप्तान जो रूट ने अपनी क्लास दिखाई और विकेट के एक छोर को मजबूती से थाम लिया। उन्हें साथ मिला ऑलराउंडर लियाम डॉसन का, जिन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक खेली। जो रूट ने 76 गेंदों में 5 चौकों की मदद से नाबाद 76 रनों की पारी खेली, जबकि लियाम डॉसन ने 83 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्का लगाते हुए 68 रन बनाए।
दोनों के बीच 7वें विकेट के लिए 121 रनों की बहुमूल्य साझेदारी हुई, जिसने इंग्लैंड की मैच में वापसी कराई। डॉसन के आउट होने के बाद अक्षर ने निचले क्रम को समेटने में देर नहीं लगाई और 47.5 ओवर में इंग्लैंड को 258 रनों पर ऑल-आउट कर दिया। अक्षर पटेल भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 62 रन देकर 4 विकेट चटकाए।
गिल की कप्तानी पारी और एजबेस्टन का ‘हाई ड्रामा’
259 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा (11) को सैम करन ने और महीनों बाद सफेद गेंद क्रिकेट खेल रहे विराट कोहली (5) को जोफ्रा आर्चर ने शुरूआत में ही पवेलियन भेजकर भारतीय प्रशंसकों को खामोश कर दिया। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला।गिल बेहतरीन लय में थे, उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट्स लगाए और महज 75 गेंदों में 11 चौकों और 1 छक्के की मदद से 80 रनों की कप्तानी पारी खेली।
लेकिन जब भारत जीत की तरफ बढ़ रहा था, तभी गिल को क्रैम्प आ गया और उन्हें दर्द से कराहते हुए मैदान छोड़ना पड़ा। गिल के जाते ही मैच का पासा पलट गया, जहां श्रेयस अय्यर (35 रन) हैरी ब्रूक के एक सटीक थ्रो पर रन आउट हो गए और केएल राहुल (1 रन) युवा तेज गेंदबाज जोश टंग की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। भारत का स्कोर अचानक 2 विकेट पर 149 रन से 160 रन पर 4 विकेट हो गया और मैच पूरी तरह फंस चुका था।

अक्षर-वाशिंगटन ने मिलकर सम्भाला मोर्चा
जीत के लिए अभी भी 99 रनों की जरूरत थी और क्रीज पर दो बाएं हाथ के स्पिनिंग ऑलराउंडर-अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर मौजूद थे। मैदान पर तनाव साफ महसूस किया जा सकता था, लेकिन इन दोनों युवा खिलाड़ियों ने गजब के ठंडे दिमाग से प्रदर्शन किया। दोनों ने जोखिम भरे शॉट्स खेलने के बजाय सिंगल्स और डबल्स पर भरोसा जताया और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा।
अक्षर पटेल ने सिर्फ 52 गेंदों में 5 चौकों और 1 छक्के की मदद से नाबाद 57 रन बनाए और अपना अर्धशतक पूरा किया। वहीं सुंदर ने दूसरे छोर से दीवार बनकर उनका साथ दिया और 63 गेंदों में 4 चौकों और 1 छक्के की मदद से नाबाद 52 रन जड़े। दोनों के बीच हुई नाबाद 102 रनों की शतकीय साझेदारी की बदौलत भारत ने 45.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 262 रन बना लिए और मैच को एकतरफा अंदाज में खत्म कर दिया।
मैच का टर्निंग पॉइंट
इंग्लैंड को उनके घरेलू मैदान एजबेस्टन पर मात देना आसान नहीं था, जहां उन्होंने पिछले कई सालों से बेहतरीन रिकॉर्ड बनाए रखा था। इस मैच में अक्षर पटेल का ऑलराउंडर अवतार देखने को मिला, जिन्होंने गेंद से 4 विकेट लेने के बाद मुश्किल समय में नाबाद 57 रन बनाए। इसके अलावा शुभमन गिल ने दबाव में जिस तरह से कप्तानी पारी को आगे बढ़ाया, उससे साबित होता है कि वह भविष्य के एक बेहतरीन लीडर हैं।
राहत की बात यह है कि मैच के बाद उन्होंने खुद पुष्टि की कि उनकी चोट गंभीर नहीं है और वह अगले मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अपनी खोई हुई लय हासिल कर ली है। सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार, 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा।
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Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.
