Kris Srikkanth Statement: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के भविष्य और उनकी बढ़ती उम्र को लेकर अक्सर क्रिकेट में चर्चाएं गर्म रहती हैं। साल 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आलोचक लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या 37 वर्षीय कोहली साउथ अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा बने रह पाएंगे।
इस बीच, साल 2011 में भारत को विश्व विजेता बनाने वाली चयन समिति के अध्यक्ष रहे कृष श्रीकांत ने इस बहस पर विराम लगाते हुए एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। श्रीकांत का मानना है कि विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
“कोहली ही जिताएंगे 2027 का वर्ल्ड कप”-कृष श्रीकांत
अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर क्रिकेट फैंस से बातचीत के दौरान पूर्व सलामी बल्लेबाज कृष श्रीकांत ने विराट कोहली का खुलकर बचाव किया । उन्होंने सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि टीम प्रबंधन या किसी भी बाहरी व्यक्ति को विराट कोहली को यह बताने की जरूरत नहीं है कि उन्हें क्या करना है और कब तक खेलना है। कोहली ने भारत के लिए जो किया है, वह बेमिसाल है।
श्रीकांत ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर भारतीय टीम को साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठानी है, तो विराट कोहली ही वो इकलौते खिलाड़ी हैं जो टीम को चैंपियन बना सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि बड़े टूर्नामेंट्स में केवल युवा जोश काम नहीं आता, बल्कि दबाव की परिस्थितियों को संभालने के लिए कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी का क्रीज पर होना बेहद जरूरी है।
“टीम मैनेजमेंट या किसी भी बाहरी व्यक्ति को विराट कोहली को यह बताने की जरूरत नहीं है कि उन्हें क्या करना है और कब तक खेलना है। उन्होंने भारत के लिए जो किया है, वह बेमिसाल है। अगर भारतीय टीम को साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठानी है, तो विराट कोहली ही वो इकलौते खिलाड़ी हैं जो टीम को चैंपियन बना सकते हैं।”

क्या कहते हैं किंग कोहली के आंकड़े?
क्रिकेट के आधुनिक दौर में आमतौर पर 37 की उम्र को संन्यास की उम्र मान लिया जाता है, लेकिन विराट कोहली के मामले में यह नियम पूरी तरह बदल जाता है। फिटनेस के पैमाने पर देखें तो भारतीय टीम में आज भी विराट कोहली का यो-यो टेस्ट स्कोर 17.2 से ऊपर रहता है, जो टीम के कई युवा खिलाड़ियों से कहीं बेहतर है। वहीं वनडे फॉर्मेट में उनकी हालिया निरंतरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में कोहली ने 11 मैचों में रिकॉर्ड 765 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब जीता था, जो उनके इस फॉर्मेट पर आज भी दबदबे को साफ दर्शाता है। इसके अलावा साल 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर होना है, जहां भारतीय टीम को एक ऐसे बल्लेबाज की सख्त जरूरत होगी जो एक छोर संभालकर लंबी पारी खेल सके, और विराट इस काम में दुनिया के सबसे माहिर खिलाड़ी हैं।
कनक्लूजन
कृष श्रीकांत का यह बयान पूरी तरह व्यावहारिक और तार्किक नजर आता है। किसी भी खिलाड़ी का चयन उसकी उम्र की संख्या से नहीं, बल्कि उसकी मौजूदा फॉर्म और फिटनेस से होना चाहिए। जब तक विराट कोहली मैदान पर खुद को साबित कर रहे हैं और टीम को मैच जिता रहे हैं, तब तक 2027 का वर्ल्ड कप उनके बिना अधूरा नजर आता है।
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Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.
