IPL Green Dot Ball Initiative: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को दुनिया भर में गगनचुंबी छक्कों, तेज तर्रार चौकों और रिकॉर्ड तोड़ रनों के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ सीज़न से इस महाकुंभ में एक ऐसा बदलाव आया है, जिसने खेल के साथ-साथ हमारी धरती की किस्मत भी बदलनी शुरू कर दी है। अगर आप लाइव मैच देख रहे हैं, तो आपने टीवी स्क्रीन या जियो सिनेमा के स्कोरकार्ड पर पारंपरिक ‘डॉट’ (.) की जगह एक छोटा सा हरा पेड़ चमकता हुआ जरूर देखा होगा।
क्या आप जानते हैं कि यह हरा पेड़ सिर्फ एक ग्राफिक नहीं है? यह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टाटा समूह (Tata Group) की एक ऐतिहासिक पर्यावरण मुहीम है, जिसे ‘ग्रीन डॉट बॉल’ (Green Dot Ball Initiative) नाम दिया गया है। आइए इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि यह अनोखा प्रोजेक्ट क्या है, यह कैसे काम करता है, और कैसे क्रिकेट की एक खाली गेंद पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा हथियार बन गई है!
ग्रीन डॉट बॉल पहल क्या है?
‘Green Dot Ball‘ बीसीसीआई और टाटा ग्रुप की एक संयुक्त सस्टेनेबिलिटी पहल है। आमतौर पर टी-20 क्रिकेट में डॉट बॉल (वह गेंद जिस पर बल्लेबाज कोई रन नहीं बना पाता) को बल्लेबाज की नाकामी और गेंदबाज की सफलता माना जाता है। लेकिन इस अभियान के तहत, हर एक डॉट बॉल सीधे पर्यावरण को फायदा पहुंचाती है।
इस पहल के नियमों के अनुसार, टूर्नामेंट के दौरान फेंकी जाने वाली हर एक डॉट बॉल के बदले बीसीसीआई और टाटा ग्रुप मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में नए पौधे लगाते हैं और उनका पालन-पोषण करते हैं। इस तरह मैदान पर बनने वाला दबाव, असल जिंदगी में देश को स्वच्छ हवा और हरियाली देने का काम कर रहा है।

कैसे हुई इस बेहतरीन मुहीम की शुरुआत?
इस कमाल की मुहीम का सफर साल-दर-साल काफी दिलचस्प रहा है:
पायलट फेज (2023-2024): इस पहल की शुरुआत सबसे पहले IPL 2023 के प्लेऑफ (Playoffs) और फाइनल मैचों के दौरान एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। उस दौरान प्रति डॉट बॉल 500 पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया था। उदाहरण के लिए, 2023 के केवल एक क्वालिफायर मैच (CSK vs GT) में 84 डॉट बॉल्स फेंकी गईं, जिससे अकेले एक मैच से 42,000 पेड़ सुनिश्चित हो गए! 2023 और 2024 के प्लेऑफ को मिलाकर कुल 617 डॉट बॉल्स फेंकी गईं, जिसके परिणामस्वरूप 3,08,500 पौधे लगाए गए।
पूरे सीजन में विस्तार (2025-2026): इसकी भारी सफलता को देखते हुए, साल 2025 में बीसीसीआई ने इसे केवल प्लेऑफ तक सीमित न रखकर पूरे 74 मैचों के फुल सीजन पर लागू कर दिया। इसके अलावा, इस बेहतरीन पहल को पुरुषों के आईपीएल के साथ-साथ वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में भी पूरी तरह शामिल कर लिया गया है।
करंट स्टेटस (2026): टाटा आईपीएल के नए संस्करण में यह अभियान एक जन-आंदोलन बन चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आईपीएल और डब्ल्यूपीएल के सामूहिक प्रयासों से अब तक 6.4 लाख (6,41,166) से अधिक पेड़ भारत के अलग-अलग राज्यों में रोपे जा चुके हैं।
कहां और कैसे लगाए जाते हैं ये पेड़?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या ये सारे पेड़ किसी एक ही ‘आईपीएल जंगल’ में लगाए जा रहे हैं? इसका जवाब है—नहीं। पौधों के बेहतर जीवन और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए, टाटा समूह के विशेषज्ञ इन पौधों को भारत के अलग-अलग भौगोलिक और जलवायु क्षेत्रों में लगा रहे हैं:
असम के जंगल: अब तक सबसे ज्यादा लगभग 3.5 लाख पौधे असम के वनों में रोपे गए हैं।
मुन्नार, केरल: केरल के इस खूबसूरत पहाड़ी इलाके में पश्चिमी घाट के संरक्षण के लिए पौधे लगाए गए हैं।
साणंद, गुजरात और यवतमाल, महाराष्ट्र: इन औद्योगिक और सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है।
सलूनी, हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी मिट्टी को मजबूत करने और भूस्खलन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए यहां पौधारोपण किया जा रहा है।
इस मुहीम के तहत नीम, पीपल, बरगद और सागवान जैसी 25 से अधिक स्थानीय प्रजातियों (Native Species) के पेड़ चुने जाते हैं, ताकि वे वहां के इकोसिस्टम में आसानी से ढल सकें और लंबे समय तक जीवित रह सकें।
‘Spot Any Green Dot’ कॉन्टेस्ट: फैंस कैसे जीत सकते हैं प्राइज?
इस अभियान को आम जनता और क्रिकेट फैंस के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए Green Dot Ball की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Spot Any Green Dot’ नामक एक अनोखा कॉन्टेस्ट चलाया जाता है।
- फैंस को अपने दैनिक जीवन में किसी भी गोल और हरी वस्तु (जैसे कोई फल, हरी गेंद, या पत्ती) को खोजना होता है।
- उसकी फोटो खींचकर वेबसाइट पर अपलोड करनी होती है।
- ऐसा करने से गेंदबाजों का उत्साह तो बढ़ता ही है, साथ ही भाग लेने वाले लकी फैंस को हर हफ्ते मुफ्त आईपीएल मैच टिकट और टाटा आईपीएल की एक्सक्लूसिव मर्चेंडाइज (टी-शर्ट, कैप आदि) जीतने का मौका मिलता है!
कन्क्लूजन :
क्रिकेट भारत में किसी त्यौहार से कम नहीं है और जब इस खेल की ताकत को प्रकृति की रक्षा से जोड़ दिया जाता है, तो परिणाम अद्भुत होते हैं। ‘Green Dot Ball’ पहल ने यह साबित कर दिया है कि मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को कैसे निभाया जा सकता है। अब जब भी आप मैच देखें, तो चौके-छक्कों के साथ-साथ उन डॉट बॉल्स के लिए भी तालियां बजाएं, क्योंकि मैदान पर फेंकी गई हर खाली गेंद हमारी आने वाली पीढ़ी को एक सांस मुफ्त दे रही है!

Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.

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