“वैभव सूर्यवंशी बनने की कोशिश मत करो” Harbhajan Singh’s Big Advice To Yashasvi Jaiswal Before Qualifier 2

आईपीएल 2026 का क्वालिफायर-2 मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाना है, लेकिन इस बड़े मैच से पहले चर्चा का सबसे बड़ा विषय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल बन गए हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर Harbhajan Singh ने राजस्थान रॉयल्स के स्टार ओपनर Yashasvi Jaiswal को अहम सलाह देते हुए कहा है कि उन्हें वैभव सूर्यवंशी जैसा खेलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपनी प्राकृतिक बल्लेबाजी पर भरोसा रखना चाहिए।

Harbhajan Singh का मानना है कि यशस्वी एक क्लासिकल स्ट्रोक प्लेयर हैं, जो चौकों के जरिए मैच पर पकड़ बनाते हैं। वहीं वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पूरी तरह पावर-हिटिंग पर आधारित है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों की तुलना करना सही नहीं होगा।

हरभजन सिंह ने क्या कहा?

Harbhajan Singh ने मैच से पहले बातचीत में कहा कि यशस्वी को अपनी बल्लेबाजी शैली नहीं बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की अपनी ताकत होती है और यशस्वी को उसी पर ध्यान देना चाहिए। हरभजन के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी की तरह लगातार बड़े शॉट खेलने की कोशिश यशस्वी के खेल को नुकसान पहुंचा सकती है।पूर्व ऑफ स्पिनर ने साफ तौर पर कहा कि यशस्वी “चार मारने वाले बल्लेबाज” हैं जबकि वैभव “छक्के लगाने वाले” खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर यशस्वी अपने टाइमिंग और गैप खोजने की कला पर ध्यान देंगे, तो बड़े शॉट अपने आप निकलेंगे।

“यशस्वी को वैभव सूर्यवंशी बनने की जरूरत नहीं है। वैभव अलग तरह के खिलाड़ी हैं और यशस्वी की अपनी अलग पहचान है। आपको किसी और की कॉपी करने की जरूरत नहीं होती। यशस्वी जब अपने नैचुरल गेम के साथ खेलते हैं, तब वह भारत के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक नजर आते हैं। वैभव बड़े-बड़े छक्के लगाते हैं, लेकिन यशस्वी की ताकत टाइमिंग और गैप्स में शॉट खेलना है।

अगर वह खुद पर भरोसा रखें और शांत दिमाग से बल्लेबाजी करें, तो बड़े रन अपने आप आएंगे। युवा खिलाड़ियों पर अक्सर तुलना का दबाव बन जाता है, लेकिन सफल वही खिलाड़ी होते हैं जो अपने खेल को समझते हैं और उसी पर टिके रहते हैं। क्वालिफायर-2 जैसे बड़े मुकाबले में यशस्वी जायसवाल का अनुभव राजस्थान रॉयल्स के लिए काफी अहम साबित हो सकता है। अगर यशस्वी शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट खेल लेते हैं, तो वह अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं।”

— Harbhajan Singh

Harbhajan Singh यशस्वी जायसवाल
Photo source: Internet

IPL 2026 में यशस्वी जायसवाल का प्रदर्शन

आईपीएल 2026 में यशस्वी जायसवाल ने अब तक 15 पारियों में 426 रन बनाए हैं। उनका औसत 32.77 और स्ट्राइक रेट 153 से ज्यादा का रहा है। आंकड़े खराब नहीं हैं, लेकिन पिछले दो सीजन की तुलना में इस बार उनका प्रभाव थोड़ा कम दिखाई दिया है।

क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने राजस्थान रॉयल्स के टॉप ऑर्डर में नई चमक ला दी है, जिसकी वजह से यशस्वी का प्रदर्शन थोड़ा दब गया। हालांकि टीम मैनेजमेंट अब भी यशस्वी को बड़े मैचों का खिलाड़ी मानता है।

वैभव सूर्यवंशी क्यों बने सबसे बड़ी चर्चा?

15 वर्षीय Vaibhav Sooryavanshi इस सीजन आईपीएल के सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे हैं। उन्होंने एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए थे। उनकी इस पारी में 12 छक्के शामिल थे।इतना ही नहीं, वैभव इस सीजन ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे बताए जा रहे हैं। कई दिग्गज क्रिकेटर उनकी बल्लेबाजी की तुलना महान खिलाड़ियों से कर चुके हैं।पूर्व भारतीय कप्तान और कोचों ने भी वैभव की तारीफ करते हुए कहा है कि इतनी कम उम्र में उनका खेल समझ और दबाव झेलने की क्षमता बेहद खास है।

गुजरात टाइटंस की रणनीति भी वैभव पर केंद्रित

क्वालिफायर-2 से पहले गुजरात टाइटंस के सपोर्ट स्टाफ ने भी साफ कर दिया है कि उनकी पहली कोशिश वैभव सूर्यवंशी को जल्दी आउट करने की होगी। टीम मैनेजमेंट मानता है कि अगर वैभव पावरप्ले में लंबी पारी खेल गए, तो राजस्थान को रोकना बेहद मुश्किल हो जाएगा। पिछली भिड़ंत में वैभव ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी की थी, हालांकि बाद में सिराज ने उन्हें शॉर्ट गेंद पर आउट कर दिया था। अब देखने वाली बात होगी कि गुजरात की गेंदबाजी यूनिट इस बार युवा बल्लेबाज के खिलाफ क्या रणनीति अपनाती है।

क्या यशस्वी बड़े मैच में वापसी कर पाएंगे?

राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि टीम के पास वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल जैसे दो खतरनाक ओपनर मौजूद हैं। अगर दोनों बल्लेबाज एक साथ लय में आ जाते हैं, तो गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों पर भारी दबाव बन सकता है। हरभजन सिंह की सलाह कहीं न कहीं यशस्वी को मानसिक रूप से सहज रखने की कोशिश भी है। क्रिकेट में अक्सर युवा खिलाड़ी दूसरों के खेल से प्रभावित होकर अपना नैचुरल स्टाइल बदल देते हैं, लेकिन बड़े खिलाड़ी वही बनते हैं जो अपनी ताकत पहचानते हैं।

अब सभी की नजरें क्वालिफायर-2 पर होंगी, जहां एक तरफ वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी होगी, तो दूसरी तरफ यशस्वी जायसवाल खुद को फिर से साबित करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।

 

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