खेल नॉनस्टॉप, नई दिल्ली: भारत के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और इसी बीच West Indies क्रिकेट से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की रिटेनर फीस में 25 प्रतिशत कटौती करने का फैसला किया है। नए बदलाव अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
यह सिर्फ खिलाड़ियों की कमाई घटाने तक सीमित फैसला नहीं है। बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट में भी खर्च कम करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। घरेलू खिलाड़ियों को अब 12 महीने की जगह सिर्फ सात महीने का रिटेनर कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा। पुरुषों का Super50 टूर्नामेंट और महिलाओं का T20 Blaze भी इस सीजन नहीं कराया जाएगा।
सवाल यही है कि कभी दुनिया की सबसे मजबूत क्रिकेट टीमों में गिने जाने वाले वेस्टइंडीज को आखिर इतने बड़े स्तर पर खर्च घटाने की जरूरत क्यों पड़ गई?
15 साल में हवाई सफर पर ही खर्च हुए 80 मिलियन डॉलर से ज्यादा
वेस्टइंडीज क्रिकेट के लिए सबसे बड़ी परेशानियों में से एक अलग-अलग देशों और द्वीपों के बीच क्रिकेट चलाना है। बाकी कई क्रिकेट बोर्ड एक देश के अंदर काम करते हैं, लेकिन वेस्टइंडीज कई कैरेबियाई देशों और द्वीपों को मिलाकर बनी टीम है। घरेलू मुकाबलों के लिए भी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को लगातार एक जगह से दूसरी जगह हवाई सफर करना पड़ता है। CWI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस डेहरिंग के मुताबिक पिछले 15 वर्षों में बोर्ड ने घरेलू एयरलाइंस पर ही 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा खर्च कर दिए।
बोर्ड को सिर्फ हवाई टिकट का खर्च नहीं उठाना पड़ता। घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों की फीस, होटल, टूर्नामेंट का आयोजन और दूसरी व्यवस्थाओं का खर्च भी CWI ही संभालता है। बोर्ड का मानना है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति में पुराने तरीके से इस पूरे सिस्टम को चलाते रहना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के 12 महीने के कॉन्ट्रैक्ट तो जारी रहेंगे, लेकिन उनकी रिटेनर फीस 25 प्रतिशत कम होगी। वहीं घरेलू खिलाड़ियों का रिटेनर कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2026 से अप्रैल 2027 तक सात महीने का होगा।
ICC से मिला 16 मिलियन डॉलर का सहारा, फिर भी आसान नहीं रास्ता
CWI की आर्थिक परेशानी का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जुलाई में ICC ने बोर्ड के लिए 16 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लोन सुविधा मंजूर की थी। यह रकम तीन हिस्सों में उपलब्ध होनी है और इसके साथ भुगतान की शर्तें भी जुड़ी हैं। यानी बोर्ड को पैसा जरूर मिल रहा है, लेकिन इसे बिना किसी जिम्मेदारी के मिलने वाली मदद नहीं माना जा सकता। इसीलिए CWI अब अपने खर्चों को भी तेजी से कम कर रहा है।
इसका सीधा असर घरेलू क्रिकेट पर पड़ा है। इस सीजन पुरुषों का Super50 और महिलाओं का T20 Blaze नहीं होगा। खासकर Super50 का रुकना अहम है, क्योंकि यह वेस्टइंडीज के वनडे खिलाड़ियों के लिए घरेलू स्तर पर महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहा है। हालांकि बोर्ड ने वनडे टीम की तैयारी के लिए दूसरा रास्ता तैयार किया है। नवंबर में England A के खिलाफ व्हाइट-बॉल मुकाबले कराने की योजना है और इसके बाद वनडे टीम का कैंप भी लगाया जाएगा।
भारत दौरे के बीच सामने आया बड़ा फैसला
इस पूरे फैसले की टाइमिंग भी ध्यान खींचती है। वेस्टइंडीज की टीम इस समय भारत दौरे पर है। दोनों टीमों के बीच पहला वनडे 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में बाकी दो वनडे होंगे। वनडे सीरीज के बाद पांच टी20 मुकाबले भी खेले जाएंगे। हालांकि यह साफ रहना जरूरी है कि खिलाड़ियों की रिटेनर फीस में कटौती भारत दौरे की वजह से नहीं की गई है। भारत सीरीज और CWI का आर्थिक फैसला दो अलग बातें हैं, बस दोनों का समय एक साथ आया है।
वेस्टइंडीज के लिए आने वाले महीने मैदान के बाहर जितने अहम हैं, उतने ही मैदान के अंदर भी रहने वाले हैं। टीम 2027 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाएगी और उसे अगले साल क्वालिफायर खेलना होगा। ऐसे में CWI के सामने चुनौती दोहरी है—खर्च भी कम करना है और ऐसी टीम भी तैयार करनी है जो विश्व कप में जगह बना सके।
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Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.

