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Sachin Tendulkar Pension: संन्यास के बाद भी सचिन तेंदुलकर को मिलती है BCCI से पेंशन?जानिए हर महीने खाते में आते हैं कितने लाख या हजार

Sachin Tendulkar Pension

क्या अरबों के मालिक सचिन तेंदुलकर को आज भी मिलती है BCCI से पेंशन?

Sachin Tendulkar Pension: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ‘भगवान’ का दर्जा पा चुके Sachin Tendulkar आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों की लिस्ट में शुमार सचिन ने साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संन्यास के एक दशक से भी ज्यादा समय के बाद आज भी मास्टर ब्लास्टर के बैंक खाते में हर महीने एक निश्चित सरकारी या बोर्ड राशि क्रेडिट होती है?सोशल मीडिया पर अक्सर यह सवाल तैरता रहता है कि अरबों की संपत्ति के मालिक सचिन को क्या वाकई पेंशन मिलती है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे के पीछे का पूरा सच, आंकड़े और बीसीसीआई का नियम।

क्या सच में सचिन तेंदुलकर को मिलती है पेंशन?

जी हाँ, यह दावा बिल्कुल सच है। क्रिकेट से पूरी तरह दूर होने के बावजूद सचिन तेंदुलकर को हर महीने पेंशन मिलती है। यह पेंशन उन्हें भारत सरकार की तरफ से नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, BCCI की तरफ से दी जाती है।

अक्सर लोगों को लगता है कि पेंशन सिर्फ सरकारी नौकरी करने वालों या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलती है। लेकिन बीसीसीआई की ‘पूर्व खिलाड़ी पेंशन योजना’  का नियम अलग है। यह योजना खिलाड़ी की आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि देश के लिए दिए गए उसके योगदान और सम्मान के आधार पर तय होती है।

50 हजार नहीं, अब हर महीने मिलते हैं ₹70,000

सचिन तेंदुलकर को मिलने वाली पेंशन राशि को लेकर इंटरनेट पर दो तरह के आंकड़े दिखते हैं— 50,000 रुपये और 70,000 रुपये।

दरअसल, साल 2022 से पहले तक सचिन तेंदुलकर को हर महीने 50,000 रुपये की पेंशन मिलती थी। लेकिन जून 2022 में बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने पूर्व क्रिकेटरों और अंपायरों की पेंशन में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया था। इस नए संशोधन के बाद, सचिन तेंदुलकर की पेंशन बढ़कर 70,000 रुपये प्रति माह हो गई।

BCCI का पेंशन नियम कैसा है ?

बोर्ड ने पेंशन देने के लिए मैचों की संख्या के आधार पर अलग-अलग स्लैब बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर ने भारत के लिए कुल 200 टेस्ट मैच खेले हैं, इसलिए वे सबसे ऊंचे स्लैब में आते हैं:

नोट: सचिन तेंदुलकर के साथ-साथ एमएस धोनी, सुनील गावस्कर, अनिल कुंबले और सौरभ गांगुली जैसे अन्य दिग्गजों को भी इसी स्लैब के तहत ₹70,000 महीना पेंशन मिलती है।

सचिन तेंदुलकर भारत के एकमात्र खिलाड़ी जिसे भारत रत्न पुरस्कार से नवाजा गया है

सिर्फ पेंशन ही नहीं, मिलते हैं यह अन्य वीआईपी लाभ

एक पूर्व क्रिकेटर और भारत रत्न सम्मानित नागरिक होने के नाते सचिन तेंदुलकर को सिर्फ कैश पेंशन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।

बीसीसीआई अपने पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को और उनके जीवनसाथी को जीवनभर के लिए बड़ी मेडिकल इंश्योरेंस और चिकित्सा सहायता देता है। भारत रत्न होने के नाते सचिन को देश की राष्ट्रीय उड़ानों और रेलवे (फर्स्ट क्लास एसी) में विशेष पास और यात्रा सुविधाएं मिलती हैं। किसी भी बीसीसीआई टूर्नामेंट या आईपीएल मैच के लिए इन दिग्गजों को वीआईपी हॉस्पिटैलिटी बॉक्स के पास भेजे जाते हैं।

सचिन तेंदुलकर को कब तक मिलती रहेगी यह पेंशन?

कई पाठकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह पेंशन किसी तय समय सीमा या उम्र (जैसे 60 या 65 वर्ष) तक ही मिलती है? बीसीसीआई (BCCI) के नियमों के मुताबिक, यह एक आजीवन पेंशन योजना  है। यानी, एक बार जब कोई खिलाड़ी इस योजना के लिए पात्र हो जाता है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेता है, तो उसे जीवनभर हर महीने यह राशि मिलती रहती है। सचिन तेंदुलकर को भी यह पेंशन जीवनभर मिलती रहेगी।

इतना ही नहीं, बीसीसीआई के नियमों में अगर खुदा-न-खास्ता किसी पूर्व खिलाड़ी का निधन हो जाता है, तो इस पेंशन राशि का 50 फीसदी हिस्सा (यानी सचिन के मामले में ₹35,000) उनकी पत्नी को उनके जीवनकाल तक ‘फैमिली पेंशन’ के रूप में मिलता रहेगा। यह बोर्ड की तरफ से खिलाड़ी के परिवार को दिया जाने वाला एक सुरक्षित सामाजिक सम्मान है।

नोट: बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, अगर कोई पूर्व खिलाड़ी बोर्ड के अंदर ही कोई वेतनभोगी  पद (जैसे मुख्य चयनकर्ता या नेशनल कोच) संभालता है, तो उस कार्यकाल के दौरान उसकी पेंशन रोक दी जाती है। पद छोड़ने के बाद यह फिर शुरू हो जाती है। बिना अनुमति अनधिकृत विदेशी लीगों में खेलने पर भी प्रतिबंध का नियम पूरी तरह सही है।

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