नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026(91 Balls 25 Sixes): भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज Abhishek Sharma ने घरेलू क्रिकेट में वो कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब फॉर्म के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे अभिषेक ने आलोचकों को बल्ले से ऐसा करारा जवाब दिया है जिसे गेंदबाज सालों तक नहीं भूल पाएंगे।
रविवार सुबह मैदान पर आया अभिषेक का तूफान
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘पंजाब स्टेट इंटर-डिस्ट्रिक्ट सीनियर वनडे टूर्नामेंट (2026-27)’ के तहत आज रविवार, 2 अगस्त अमृतसर और तरनतारन के बीच एक बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया। सुबह 9:00 बजे जब अमृतसर सीनियर टीम के कप्तान अभिषेक शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ घंटे घरेलू क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहे हैं।
अभिषेक ने शुरुआती कुछ ओवरों में पिच को भांपा और उसके बाद जो हुआ, उसे तरनतारन के गेंदबाज शायद ही कभी भूल पाएंगे।
91 गेंदें, 233 रन और 25 गगनचुंबी छक्के
अभिषेक शर्मा ने मैदान के चारों कोनों (360 डिग्री) का इस्तेमाल करते हुए महज 91 गेंदों में 233 रनों की हैरतअंगेज और अविश्वसनीय पारी खेली। इस पारी का सबसे रोमांचक पहलू उनका स्ट्राइक रेट रहा, जो 256.04 का था। आमतौर पर टी-20 क्रिकेट में भी इस तरह का स्ट्राइक रेट बनाए रखना मुश्किल होता है, लेकिन अभिषेक ने इसे 50 ओवर के फॉर्मैट में कर दिखाया।
उनकी इस पारी में 25 गगनचुंबी छक्के और 15 चौके शामिल थे। यानी उन्होंने अपनी पारी के 190 रन (लगभग 81%) केवल बाउंड्रीज के जरिए बटोरे। अभिषेक के इस तूफान की बदौलत अमृतसर की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट पर 533 रनों का विशाल पहाड़ खड़ा कर दिया, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

जिम्बाब्वे के फ्लॉप शो से क्यों अलग है यह पारी?
इस पारी को केवल रनों के नजरिए से देखना गलत होगा, इसके पीछे की टाइमिंग को समझना बेहद जरूरी है। हाल ही में टीम इंडिया के जिम्बाब्वे दौरे पर अभिषेक शर्मा का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा था। वहां मिली 3 पारियों में वे महज 3.66 की बेहद खराब औसत से सिर्फ 11 रन बना पाए थे।
क्रिकेट फैंस के बीच यह चर्चा शुरू हो गई थी कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में उनका फुटवर्क कमजोर दिखने लगा है। लेकिन आज की पारी से उन्होंने यह साबित किया है कि तकनीकी रूप से वे टूटे नहीं हैं। घरेलू क्रिकेट में खुद को वापस साबित करने की उनकी यह भूख एक परिपक्व खिलाड़ी की निशानी है।
इंटरनेशनल विफलता के बाद नहीं टूटी हिम्मत
इंटरनेशनल क्रिकेट में हाल ही में मिली विफलता के बाद अक्सर युवा खिलाड़ी मानसिक दबाव में बिखर जाते हैं, लेकिन अभिषेक शर्मा ने साबित कर दिया है कि वे अंदर से कितने मजबूत हैं। जिम्बाब्वे दौरे के फ्लॉप शो के बाद उनके टीम इंडिया में भविष्य पर सवाल खड़े किए जा रहे थे।
लेकिन घरेलू क्रिकेट के पहले ही मैच में जिस तरह से उन्होंने अपनी भड़ास निकाली है, वह यह साफ करता है कि वे आगामी बड़े टूर्नामेंट्स और भारतीय टी20 टीम में अपनी जगह दोबारा पक्की करने के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हैं। अभिषेक की इस पारी ने नेशनल सिलेक्टर्स के सामने एक मीठा सिरदर्द पैदा कर दिया है कि वे आगामी इंटरनेशनल सीरीज में इस खूंखार बल्लेबाज को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
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Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.
