1 Ball 286 Run : क्रिकेट जगत की एक अविश्वसनीय सच

1 ball 286 run :  क्या आपने कभी सोचा है कि क्रिकेट के मैदान पर सिर्फ एक गेंद फेंककर पूरी पारी समाप्त हो सकती है या मैच का फैसला हो सकता है? क्रिकेट जगत में हर दिन नए रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं, लेकिन आज से 132 साल पहले एक ऐसा रिकॉर्ड बना था जिसे जानकर आधुनिक क्रिकेट के प्रशंसक भी दंग रह जाते हैं।यह कहानी है क्रिकेट इतिहास की उस अविश्वसनीय घटना की, जब बल्लेबाजों ने सूझबूझ और किस्मत के दम पर महज 1 गेंद के भीतर पूरे 286 रन ठोक दिए थे। आइए जानते हैं क्रिकेट पर तहलका मचाने वाले इस ऐतिहासिक और मजेदार मैच की पूरी कहानी।

साल 1894 का वह ऐतिहासिक मुकाबला

यह अनोखी घटना आज से करीब सवा सौ साल पहले, यानी 15 जनवरी 1894 को ऑस्ट्रेलिया के मैदान पर घटी थी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बॉनबरी (Bunbury) में ‘विक्टोरिया’ और ‘स्क्रैच XI’ नाम की दो स्थानीय टीमों के बीच एक दोस्ताना मुकाबला खेला जा रहा था। Match की शुरुआत में टॉस जीतकर विक्टोरिया की टीम पहले बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरी। दर्शकों में मैच को लेकर भारी उत्साह था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वे एक ऐसे पल के गवाह बनने जा रहे हैं जो इतिहास के पन्नों में अमर हो जाएगा।

पहली ही गेंद पर हुआ चमत्कार, पेड़ पर अटका गेंद

विक्टोरिया टीम के ओपनिंग बल्लेबाज स्ट्राइक पर थे। जैसे ही गेंदबाज ने मैच की पहली गेंद फेंकी, बल्लेबाज ने उस पर पूरी ताकत से एक गगनचुंबी हवाई शॉट खेल दिया। गेंद सीधे सीमा रेखा के बाहर जाने के बजाय मैदान के अंदर ही मौजूद एक बेहद ऊंचे ‘जराह’ (Jarrah) के पेड़ की शाखाओं के बीच जाकर फंस गई। चूंकि पेड़ बहुत घना और ऊंचा था, इसलिए फील्डर तुरंत गेंद तक नहीं पहुंच सके। गेंद आंखों के सामने पेड़ पर लटकी हुई साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन उसे छू पाना किसी के बस में नहीं था।

1 ball 286 run
1 ball 286 run (Photo:Internet)

अंपायर के फैसले ने पलट दी पूरी बाजी

गेंद को पेड़ पर अटका देख फील्डिंग कर रही ‘स्क्रैच XI’ की टीम ने तुरंत अंपायर से अपील की कि वे इसे ‘खोई हुई गेंद’ (Lost Ball) घोषित कर दें। फील्डर्स का मानना था कि गेंद तक पहुंचना नामुमकिन है, इसलिए खेल को रोककर नई गेंद दी जानी चाहिए।लेकिन अंपायरों ने क्रिकेट के नियमों का हवाला देते हुए इस अपील को साफ खारिज कर दिया। अंपायर का तर्क था कि चूंकि गेंद साफ तौर पर दिखाई दे रही है और मैदान की सीमा के भीतर है, इसलिए इसे खोया हुआ या डेड बॉल नहीं माना जा सकता। बस फिर क्या था, नियमों के इस मोड़ ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

गेंद उतारने के लिए बुलानी पड़ी ‘बंदूक’

अंपायर के फैसले के बाद विक्टोरिया के दोनों बल्लेबाजों ने बिना समय गंवाए विकेटों के बीच दौड़ना शुरू कर दिया। दूसरी तरफ, फील्डिंग टीम के पसीने छूट रहे थे। खिलाड़ियों ने गेंद को नीचे गिराने के लिए सबसे पहले कुल्हाड़ी की तलाश की ताकि पेड़ को काटा जा सके, लेकिन मैदान के पास कोई कुल्हाड़ी नहीं मिली। समय बीतता जा रहा था और बल्लेबाज लगातार रन चुरा रहे थे।

आखिरकार, हताश होकर फील्डिंग टीम का एक खिलाड़ी पास के घर से एक राइफल (बंदूक) लेकर आया। पेड़ पर लटकी गेंद पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। काफी मशक्कत के बाद, एक सटीक निशाना गेंद पर लगा और वह टूटकर नीचे गिरी। लेकिन वो गेंद सीधे जमीन पर गिरा यदि कोई फिल्डर इसको कैच करता तो इसको विकेट घोषित किया जाता और बल्लेबाज सारी रनों की कोशिश रद्द हो जाता ।

बल्लेबाजों ने दौड़ ली 6 किलोमीटर की मैराथन

1 ball 286 run : जब तक बंदूक की गोली से निशाना लगाकर गेंद को नीचे गिराया जाता और फील्डर उसे उठाकर विकेटकीपर तक थ्रो करते, तब तक मैदान पर एक अनोखा इतिहास रचा जा चुका था। विक्टोरिया के दोनों बल्लेबाजों ने बिना थके, लगातार पिच पर दौड़ते हुए पूरे 286 रन पूरे कर लिए थे।क्रिकेट विशेषज्ञों की गणना के अनुसार, इस एक गेंद के दौरान दोनों बल्लेबाजों ने कुल मिलाकर लगभग 6 किलोमीटर की दूरी दौड़कर तय की थी। इस चमत्कारी और थका देने वाली दौड़ के बाद, विक्टोरिया की टीम ने हंसते हुए अपनी पहली पारी को 286 रन पर ही घोषित (Declare) कर दिया।

1 ball 286 run
Shocking story in cricket 1 ball 286 runs in 1894 (Photo: Internet )

क्या आज के समय में ऐसा होना संभव है?

आज के आधुनिक और हाई-टेक क्रिकेट में ऐसा होना पूरी तरह से असंभव है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के वर्तमान नियमों के मुताबिक, अगर गेंद किसी ऐसी जगह फंस जाती है जहां फील्डर आसानी से नहीं पहुंच सकता, या मैदान के भीतर किसी बाहरी वस्तु (जैसे स्पाइडरकैम या पेड़) से टकराती है, तो अंपायर तुरंत उसे ‘डेड बॉल’ घोषित कर देते हैं और एक गेंद पर अधिकत्तम 3 रन ही दौड़ सकते हैं ।इसके अलावा, अब अंतरराष्ट्रीय मैदानों के अंदर इस तरह के बड़े पेड़ भी नहीं होते हैं। यही वजह है कि 1894 का यह अनोखा रिकॉर्ड क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है।

 

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