“I am not hitting 40 -50 sixes..But “चैंपियन बनने के बाद विराट कोहली ने दिया ऐसा Breaking बयान

“I am not hitting 40 -50 sixes..But ” – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है । इस खिताबी जीत के बाद जहां चारों तरफ जश्न का माहौल है, वहीं किंग Virat Kohli का मैच के बाद दिया गया एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है । कोहली ने टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप और अपनी बल्लेबाजी शैली को लेकर एक ऐसा बेबाक और चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसने न सिर्फ फैंस बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट एक्सपर्ट्स को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है ।

“मैं वैसा खिलाड़ी नहीं हूँ जो…” – विराट कोहली

मैच खत्म होने के बाद जब ब्रॉडकास्टर्स ने Virat Kohli से उनकी शानदार फॉर्म और बैटिंग अप्रोच के बारे में पूछा, तो कोहली ने बेहद ईमानदारी से जवाब दिया । उन्होंने कहा, “मैं खुद को अच्छी तरह जानता हूँ , मैं ऐसा खिलाड़ी बिल्कुल नहीं हूँ जो एक आईपीएल सीजन में 40 या 50 छक्के जड़ दे । लेकिन, मैं एक सीजन में 70 से 80 चौके जरूर लगा सकता हूँ और स्ट्राइक रोटेट करके टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा सकता हूँ।” 

कोहली का यह बयान उस दौर में आया है जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी एक ही सीजन में 72 छक्के उड़ा रहे हैं। ऐसे में किंग कोहली ने साफ कर दिया कि टी20 क्रिकेट सिर्फ अंधाधुंध ताकत का खेल नहीं, बल्कि क्लास और टाइमिंग का भी खेल है।

I am not hitting 40 -50 sixes..But
I can hit 70 – 80 fours , Virat Kohli Statement after winning the final (Photo : Internet)

आरसीबी की जीत का ‘सिक्सर फॉर्मूला’ किया लीक

Virat Kohli ने इंटरव्यू के दौरान आरसीबी की लगातार दूसरी खिताबी जीत के पीछे का सबसे बड़ा सीक्रेट भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों से टीम के लिए उनका रोल बिल्कुल तय था।

क्रीज पर समय बिताना: कोहली का मुख्य काम अंत तक टिके रहना था।

100% सक्सेस रेट: विराट ने कहा कि अगर वह मैदान पर 15-16 ओवर खेल जाते हैं, तो टीम के जीतने की संभावना लगभग 100 प्रतिशत हो जाती है।

एंकर रोल की अहमियत: जब बाकी बल्लेबाज आक्रामक खेल रहे हों, तब एक छोर को संभालकर रखना सबसे बड़ी समझदारी होती है।

आज के युवा खिलाड़ियों को दी यह बड़ी नसीहत

Virat Kohli का यह बयान सिर्फ उनकी बल्लेबाजी तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z क्रिकेटर्स) को भी एक बहुत बड़ा सबक दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवा आते ही हर गेंद पर बाउंड्री लगाने की कोशिश करते हैं, जो कुछ मैचों में तो काम कर सकता है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट्स और दबाव वाले फाइनल मैचों में हमेशा आपका अनुभव, सूझबूझ और क्रिकेटिंग शॉट्स ही काम आते हैं। कोहली ने साफ किया कि क्रिकेट की बुनियादी समझ (Basics) को भूलकर कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल नहीं हो सकता ।

फाइनल मैच में विराट ने अकेले पलट दी बाजी

अहमदाबाद के खचाखच भरे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात Titans ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी के सामने 156 रनों की चुनौती रखी थी। इस कम स्कोर वाले लेकिन दबाव से भरे मैच में विराट कोहली ने अपने आईपीएल करियर की सबसे परिपक्व पारियों में से एक खेली। उन्होंने मैदान के गैप्स का बखूबी इस्तेमाल किया और महज 42 गेंदों में 9 शानदार चौकों और 3 कप्तानी छक्कों की मदद से नाबाद 75 रन कूट डाले । उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत आरसीबी ने आसानी से लक्ष्य का पीछा किया और लगातार दूसरी बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

फाइनल के बाद सोशल मीडिया में कोहली का जय जयकार 

Virat Kohli के इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैंस उनके इस “क्लासिक एप्रोच” की जमकर तारीफ कर रहे हैं। क्रिकेट फैंस का कहना है कि जहां आज के दौर में स्ट्राइक रेट और छक्कों के पीछे अंधाधुंध भागा जा रहा है, वहां विराट कोहली ने ग्राउंडेड रहकर यह साबित कर दिया कि असली बादशाहत क्लास से ही आती है।

 

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