Sunil Gavaskar की IPL खिलाड़ियों को लेकर मांग: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने आईपीएल (IPL) में मनमानी करने वाले विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गावस्कर ने ‘Sportstar’ मैगजीन के अपने ताजा कॉलम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से एक बेहद सख्त और बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा है कि जो विदेशी खिलाड़ी आईपीएल को हल्के में लेते हैं, उनके खिलाफ बीसीसीआई को अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है। क्रिकेट जगत में गावस्कर के इस तीखे बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।
“चोट का बहाना बनाते हैं विदेशी खिलाड़ी” — गावस्कर का आरोप
सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम में साफ शब्दों में लिखा कि कुछ विदेशी खिलाड़ी जब आईपीएल में अपनी फ्रेंचाइजी की प्लेइंग इलेवन (Playing XI) में जगह नहीं पाते, तो वे चोट लगने का नाटक करने लगते हैं। उन्होंने गुस्सा जताते हुए कहा कि कई विदेशी खिलाड़ी IPL को बहुत हल्के में लेते हैं। जब उन्हें लगातार मैचों में खेलने का मौका नहीं मिलता, तो वे चोट का बहाना बनाकर अपने देश वापस लौट जाते हैं और वहां जाकर घरेलू या दूसरी क्रिकेट खेलने लगते हैं। फ्रेंचाइजी इन खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च करती है और ऐन वक्त पर उनके जाने से टीम का पूरा बैलेंस बिगड़ जाता है।
BCCI से की ये बड़ी मांग: “रद्द करो कॉन्ट्रैक्ट और काटो विदेशी बोर्ड का पैसा”
इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए गावस्कर ने बीसीसीआई को बेहद कड़े सुझाव दिए हैं। उन्होंने मांग की है कि जो खिलाड़ी बीच सीजन में बिना किसी गंभीर वजह या झूठी चोट का बहाना बनाकर लीग छोड़ते हैं, उनके कॉन्ट्रैक्ट को तुरंत प्रभाव से खत्म किया जाना चाहिए। इसके साथ ही खिलाड़ी जितने मैच मिस करता है, उसकी फीस में से उतनी ही बड़ी कटौती की जाए।
Sunil Gavaskar ने एक और बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि आईपीएल नियमों के मुताबिक विदेशी खिलाड़ियों की फीस का 10% हिस्सा उनके देश के क्रिकेट बोर्ड को कमीशन के रूप में मिलता है, जो फ्रेंचाइजी की जेब से जाता है। अगर खिलाड़ी बीच में मैच छोड़ता है, तो उस विदेशी बोर्ड को मिलने वाले इस 10% कमीशन को भी उसी अनुपात में काट लिया जाना चाहिए ताकि विदेशी बोर्ड भी अपने खिलाड़ियों पर लगाम कसें।
फ्रेंचाइजी के करोड़ों के नुकसान पर जताई चिंता
Sunil Gavaskar ने आगे कहा कि आईपीएल की नीलामी (Auction) में टीमें महीनों की रिसर्च और रणनीति के बाद अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को चुनती हैं। जब कोई खिलाड़ी आखिरी समय पर चोट या वर्कलोड (Workload) का बहाना बनाकर हट जाता है, तो फ्रेंचाइजी के पास नया रिप्लेसमेंट ढूंढने का सही मौका नहीं बचता। ऐसे में टीमों पर भारी वित्तीय नुकसान और टूर्नामेंट में हारने का खतरा मंडराने लगता है। गावस्कर का मानना है कि अब समय आ गया है जब बीसीसीआई को विदेशी खिलाड़ियों को ‘लाड़-प्यार’ देना बंद कर नियमों को पूरी तरह सख्त कर देना चाहिए।
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Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.

