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Government Job: करोड़ों की कमाई, फिर भी सरकारी अफसर, टीम इंडिया के ये 5 स्टार्स

Government Job

करोड़ों की कमाई, फिर भी सरकारी अफसर!

खेल नॉनस्टॉप, नई दिल्ली

Government Job: भारतीय क्रिकेटर्स की जिंदगी का मतलब अमूमन करोड़ों के आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट, आलीशान गाड़ियां और चकाचौंध से भरी लाइफस्टाइल माना जाता है। लेकिन इस चमचमाती दुनिया के पीछे एक ऐसा दिलचस्प प्रशासनिक पहलू भी है जिससे बहुत कम लोग वाकिफ हैं। खेल की दुनिया में तिरंगे की शान बढ़ाने वाले टीम इंडिया के कई बड़े खिलाड़ी मैदान के बाहर देश की प्रशासनिक, वित्तीय और कानून व्यवस्था के शीर्ष पदों पर भी तैनात हैं। इस विशेष रिपोर्ट में हमने गहराई से पड़ताल की है कि देश के  ये 5 दिग्गज क्रिकेटर्स मैदान के बाहर किन सरकारी दफ्तरों में अफसर की कुर्सी संभालते हैं और क्या वे सच में आम कर्मचारियों की तरह रोजाना ड्यूटी करते हैं

खेल कोटे की नौकरियों का क्या है प्रशासनिक नियम?

प्रशासनिक नियमों के मुताबिक, जब तक ये खिलाड़ी सक्रिय रूप से अंतरराष्ट्रीय या घरेलू क्रिकेट खेल रहे होते हैं, तब तक इन्हें रोजाना दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होती। खेल मंत्रालय के नियमों के तहत, उनके खेलने, अभ्यास करने और ट्रेनिंग के समय को ही उनकी ‘आधिकारिक ड्यूटी’ (On-Duty) माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय दौरों से ब्रेक मिलने पर या चोट के कारण आराम के दौरान ये खिलाड़ी कभी-कभी प्रशासनिक बैठकों या जन-जागरूकता अभियानों के लिए अपने दफ्तरों में रिपोर्ट करते हैं। क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास लेने के बाद चाहे तो खिलाड़ी अपने-अपने विभागों में पूर्णकालिक अधिकारी के रूप में अपनी मुख्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हैं।

मोहम्मद सिराज: तेलंगाना पुलिस में DSP

अपनी कातिलाना गेंदबाजी से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले मोहम्मद सिराज के कंधे पर  कानून व्यवस्था की भी बड़ी जिम्मेदारी है। साल 2024 में जब भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया, तब तेलंगाना सरकार ने नियमों में विशेष ढील देते हुए मोहम्मद सिराज को सीधे तेलंगाना पुलिस में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) का पद सौंपा, जो कि ग्रुप-1 सेवा के अंतर्गत आता है। सिराज आधिकारिक तौर पर पुलिस की वर्दी पहनकर अपना पदभार भी ग्रहण कर चुके हैं ।

रिंकू सिंह: उत्तर प्रदेश सरकार में रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO)

अलीगढ़ के एक बेहद साधारण परिवार से निकलकर टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद मैच फिनिशर बनने वाले रिंकू सिंह अब उत्तर प्रदेश के खेल भविष्य को संवारने की आधिकारिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उत्तर प्रदेश खेल विभाग के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल कोटे के अंतर्गत रिंकू सिंह को खेल विभाग में रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO) नियुक्त किया है। यह एक राजपत्रित (Gazetted – Class B) पद है, जहां रिंकू का मुख्य काम उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं को बेहतर करना और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देना है।

भारतीय क्रिकेटर और उनकी सरकारी नौकरी।

केएल राहुल और ईशान किशन: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में असिस्टेंट मैनेजर

टीम इंडिया के दो प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल और ईशान किशन देश के सबसे बड़े और केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बैंकिंग सेवा के रिकॉर्ड्स के अनुसार, केएल राहुल साल 2018 से बेंगलुरु ब्रांच में और ईशान किशन साल 2017 से पटना ब्रांच में बतौर असिस्टेंट मैनेजर कार्यरत हैं। खेल में व्यस्तता के कारण इन्हें दैनिक बैंकिंग कार्यों से छूट मिलती है, लेकिन ये खिलाड़ी समय-समय पर बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने और आम जनता के बीच वित्तीय जागरूकता फैलाने वाले आरबीआई के आधिकारिक विज्ञापनों में मुख्य चेहरा बनते हैं।

युजवेंद्र चहल: आयकर विभाग में इंस्पेक्टर

अपनी जादुई लेग-स्पिन से बड़े-बड़े बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसाने वाले युजवेंद्र चहल के पास मैदान के बाहर टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियों को पकड़ने की भी कानूनी ताकत है। आयकर विभाग के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, युजवेंद्र चहल को साल 2018 में भारत सरकार के आयकर विभाग  में खेल कोटे के जरिए ‘इनकम टैक्स इंस्पेक्टर‘ के पद पर नियुक्त किया गया था। चहल भी भारतीय टीम के व्यस्त शेड्यूल से समय मिलने पर विभाग के खेल आयोजनों और विशेष अभियानों में एक गौरवशाली कर्मचारी के रूप में हिस्सा लेते हैं।

करोड़ों कमाने वाले इन स्टार्स को इस नौकरी की क्या जरूरत?

अब एक बड़ा सवाल जो हर क्रिकेट फैन के दिमाग में आता है कि जब ये खिलाड़ी आईपीएल से साल के करोड़ों रुपये कमाते हैं, तो इन्हें इन नौकरियों की क्या जरूरत है? इसका सीधा जवाब भविष्य की सुरक्षा और सामाजिक सम्मान में छुपा है। क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, जहां एक गंभीर चोट खिलाड़ी का पूरा करियर पल भर में खत्म कर सकती है; ऐसे में ये नौकरियां खिलाड़ियों को एक lifetime financial और social security देती हैं।

दूसरा पहलू देश की सेवा और सम्मान का है। पुलिस की वर्दी या देश के केंद्रीय बैंक का हिस्सा होना एक ऐसा गौरव है जिसे पैसों से नहीं खरीदा जा सकता, इसी कारण एमएस धोनी (सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल) और सचिन तेंदुलकर (एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन) भी इस गरिमापूर्ण राष्ट्र सेवा को चुन चुके हैं।

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