खेलनॉनस्टॉप,नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच 4 नवंबर को खेले गए पहले वनडे मुकाबले में Shubman Gill के खेल के साथ उनकी एक छोटी सी डिवाइस ने भी लोगों का ध्यान खींचा। गिल के माथे के पास सुनहरे रंग की एक चीज दिखाई दी, जिसे देखकर क्रिकेट प्रशंसकों के मन में सवाल उठने लगे। आखिर भारतीय कप्तान ने अपने माथे पर क्या लगा रखा था और इसका इस्तेमाल किस काम के लिए होता है?
दरअसल, शुभमन गिल के माथे पर दिखाई देने वाली यह डिवाइस 'Temple' है। इसे जोमैटो के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल से जुड़ी टीम ने विकसित किया है। यह सामान्य स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड की तरह काम नहीं करती। इसे खास तौर पर शरीर और दिमाग से जुड़े कुछ शारीरिक संकेतों पर नजर रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
क्या है Temple डिवाइस और किसने बनाई?
Temple को जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल से जुड़ी टीम ने विकसित किया है। इस डिवाइस को खास तौर पर इस तरह तैयार किया गया है कि इसे कलाई पर पहनने के बजाय माथे के किनारे, कनपटी के पास लगाया जाता है।
आमतौर पर खिलाड़ी अपनी फिटनेस पर नजर रखने के लिए स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड का इस्तेमाल करते हैं। ये उपकरण हृदय गति, नींद और शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी देते हैं। लेकिन Temple का मुख्य उद्देश्य इससे अलग है। यह दिमाग में रक्त के प्रवाह में होने वाले बदलावों को मापने के लिए बनाई गई है।
इसमें लगी विशेष ऑप्टिकल तकनीक प्रकाश की मदद से शरीर से मिलने वाले संकेतों को पढ़ती है। इसके आधार पर यह दिमाग तक पहुंचने वाले रक्त प्रवाह में होने वाले बदलावों से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास करती है।
कैसे काम करती है यह डिवाइस?
Temple में इस्तेमाल होने वाली तकनीक को BrainFlow नाम दिया गया है। आसान भाषा में समझें तो जब कोई खिलाड़ी कठिन अभ्यास करता है, मैदान पर लंबे समय तक खेलता है या मानसिक दबाव में रहता है, तब उसके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं।
यह डिवाइस ऐसे बदलावों से जुड़े कुछ संकेतों को दर्ज करने के लिए बनाई गई है। इससे खिलाड़ी को यह समझने में मदद मिल सकती है कि अलग-अलग परिस्थितियों में उसका शरीर किस तरह प्रतिक्रिया दे रहा है।
इसमें Entropy नाम का एक स्कोर भी दिया जाता है। इसके जरिए शरीर पर पड़ने वाले कुल शारीरिक दबाव और गतिविधियों से जुड़े संकेतों को समझने की कोशिश की जाती है। हालांकि, इसे थकान या तनाव मापने वाला कोई प्रमाणित मेडिकल टेस्ट नहीं समझना चाहिए।
क्रिकेटरों के लिए कितनी उपयोगी हो सकती है?
क्रिकेट में सिर्फ शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि एकाग्रता और सही समय पर फैसला लेने की क्षमता भी बहुत मायने रखती है। एक बल्लेबाज को तेज गेंदबाज की रफ्तार, गेंद की दिशा और फील्डिंग की स्थिति पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। वहीं कप्तान को पूरे मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं।
ऐसी स्थिति में शरीर और मानसिक मेहनत से जुड़े आंकड़े खिलाड़ियों तथा उनके सपोर्ट स्टाफ के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इनसे अभ्यास के दौरान शरीर पर पड़ने वाले दबाव और आराम के बाद होने वाले बदलावों को समझने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि इस डिवाइस को पहनने से किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन अपने आप बेहतर हो जाता है। इसका असली फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि इससे मिलने वाले आंकड़ों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है।
इस डिवाइस की कीमत ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसके शुरुआती बैच के लिए प्री-ऑर्डर कीमत लगभग 85,000 रुपये रखी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, पहले बैच के उपकरण ऑर्डर मिलने के बाद तैयार किए जाने हैं। हालांकि, इसकी कीमत और उपलब्धता से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है।
पीवी सिंधु भी कर चुकी हैं इसका इस्तेमाल
शुभमन गिल से पहले भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भी इस डिवाइस के साथ दिखाई दे चुकी हैं। उन्होंने इसके इस्तेमाल से मिलने वाले आंकड़ों को शरीर की रिकवरी और नींद को समझने में उपयोगी बताया था। इससे साफ है कि अब खेलों में खिलाड़ी केवल अपनी ताकत और अभ्यास पर ही ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि तकनीक की मदद से शरीर की प्रतिक्रिया को भी बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल शुभमन गिल ने खुद यह नहीं बताया है कि वह Temple का इस्तेमाल किस खास उद्देश्य से कर रहे हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह इसे भारतीय टीम के आधिकारिक फिटनेस कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल कर रहे हैं या व्यक्तिगत तौर पर इसका परीक्षण कर रहे हैं।
लेकिन एक बात जरूर है कि गिल के माथे पर दिखाई देने वाली इस छोटी सी डिवाइस ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच नई तकनीक को लेकर दिलचस्पी बढ़ा दी है।
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