Site icon Khel Nonstop

Shapoor Zadran Death:अफगान सुपरस्टार शापूर जादरान का 38 की उम्र में निधन

shapoor zadran death

शापूर जादरान ने 38 की उम्र में ही दुनिया को कहा अलबिदा

Shapoor Zadran Death: मैदान पर लंबे लहराते बाल, 20-25 कदमों का एक तूफानी रन-अप, और गेंद फेंकने के बाद दोनों हाथ हवा में फैलाकर दहाड़ मारता एक तेज गेंदबाज, यह तस्वीर थी शापूर जादरान की। वही शापूर, जिन्होंने तब अफगानिस्तान में क्रिकेट का हाथ थामा, जब वहां गोलियों और धमाकों की आवाज आम थी। कल (7 जुलाई 2026 को) उसी खिलाड़ी ने महज 38 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।

बुधवार (8 जुलाई) को उनका 39वां जन्मदिन था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वे पिछले कई महीनों से ‘हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस’ (HLH) नाम की एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे थे, जिसने धीरे-धीरे उनके शरीर के इम्यून सिस्टम को ही उनका दुश्मन बना दिया।

क्यों वे केवल एक ‘क्रिकेटर’ नहीं, बल्कि ‘उम्मीद’ थे?

आज की राशिद खान और गुरबाज वाली अफगानिस्तान टीम को देखना बेहद सुखद है, लेकिन इस महल की पहली ईंट शापूर जादरान जैसे खिलाड़ियों ने ही रखी थी । जब अफगानिस्तान के पास न तो अपने मैदान थे और न ही संसाधन, तब शापूर ने अपनी रफ्तार से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के दिलों में खौफ पैदा किया था।

आखिरी ओवर का वो रोमांच: 6 गेंदें और 5 रन

साल 2015 के वनडे वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड के खिलाफ खेला गया मैच आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है। अफगानिस्तान का नौवां विकेट गिर चुका था और पूरी उम्मीदें खत्म नजर आ रही थीं। आखिरी ओवर में अफगानिस्तान को जीत के लिए 6 गेंदों पर 5 रनों की दरकार थी।

तनाव के इस चरम स्तर पर 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए शापूर जादरान ने अद्भुत साहस दिखाया। उन्होंने ओवर की तीसरी गेंद पर शानदार लेग-साइड चौका जड़कर अफगानिस्तान को वर्ल्ड कप इतिहास की पहली जीत दिलाई थी। चौका मारने के बाद शापूर पिच पर ही घुटनों के बल बैठ गए थे और उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। वह जीत केवल एक मैच की नहीं, बल्कि एक पूरे देश के पुनर्जन्म की थी।

शापूर जादरान का 38 की उम्र में हो गया निधन (Photo: Internet)

करियर के वो आंकड़े जो बयां करते हैं उनकी ताकत

डेब्यू पर ही तहलका: 2009 में नीदरलैंड के खिलाफ अपने पहले ही वनडे मैच में शापूर ने 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे ।

वर्ल्ड कप के किंग: 2015 के विश्व कप में वे 10 विकेट लेकर अफगानिस्तान के सबसे सफल गेंदबाज रहे ।

कुल सफर: 2009 से 2020 के बीच उन्होंने 80 अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया और कुल 80 विकेट (43 वनडे और 37 टी20) लिए ।

अंतहीन दर्द छोड़ गए शापूर

उनके भाई घमई जादरान के अनुसार, शापूर ने भारत (ग्रेटर नोएडा) के अस्पताल में आखिरी सांस ली। सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां फैंस उनके आक्रामक खेल और मासूम मुस्कान को याद कर रहे हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सही कहा है—”वे उस नींव के पत्थर थे, जिसके बिना आज का अफगान क्रिकेट खड़ा नहीं हो सकता था ।”

शापूर जादरान को हमारी ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि।

Exit mobile version