Rishabh Pant Late Night Tweet: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत मैदान पर अपने बेखौफ अंदाज और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन, 8 अगस्त 2026 की आधी रात को उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरे देश को चौंका दिया। पंत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए एक बेहद भावुक और दर्द भरा संदेश लिखा। इस पोस्ट में उन्होंने किसी क्रिकेट मैच या अपनी फिटनेस की बात नहीं की, बल्कि अपनी जन्मभूमि उत्तराखंड में एक छोटा सा आशियाना बनाने के लिए चल रहे अपने 3 साल लंबे संघर्ष को बयां किया है।
अक्सर सेलिब्रिटीज सरकारों से मुफ्त जमीन या वीआईपी ट्रीटमेंट की उम्मीद रखते हैं, लेकिन पंत ने यहाँ एक आम पहाड़ी युवा की तरह अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे सरकार से कोई जमीन ‘मुफ्त’ या उपहार में नहीं मांग रहे हैं, बल्कि नियमानुसार सरकारी दरों पर उसे खुद खरीदना चाहते हैं। इसके बावजूद पिछले तीन सालों से उन्हें सिर्फ दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
“3 साल का संघर्ष, एक डरावना सपना बन गया” – पंत का दर्द
ऋषभ पंत का जन्म उत्तराखंड के रुड़की में हुआ था और उनका अपनी मिट्टी से गहरा लगाव रहा है। साल 2022 में हुए उनके भयानक कार एक्सीडेंट के बाद, पंत का झुकाव पहाड़ों की शांत वादियों और अपनी जड़ों की तरफ और ज्यादा बढ़ गया है। वे लंबे समय से दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी को छोड़कर उत्तराखंड में अपना बेस शिफ्ट करना चाहते हैं।
अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं पिछले 3 साल से अपनी जन्मभूमि उत्तराखंड में एक घर बनाने के लिए जमीन तलाश रहा हूँ। लेकिन यह प्रक्रिया मेरे लिए एक नाइटमेयर (डरावना सपना) बन चुकी है। मैं किसी विशेष रियायत या मुफ्त जमीन की मांग नहीं कर रहा। मैं इसे अपनी मेहनत की कमाई से सरकारी दरों पर खरीदना चाहता हूँ। एक खिलाड़ी के तौर पर, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करता है, अगर मुझे अपनी ही मिट्टी पर घर बनाने के लिए इतनी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो एक आम नागरिक का क्या हाल होता होगा?”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत लिया संज्ञान
पंत का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर आते ही आग की तरह फैल गया। कुछ ही घंटों में इस पर हजारों री-ट्वीट और कमेंट्स आ गए। मामला राज्य के सबसे बड़े स्पोर्ट्स आइकॉन से जुड़ा था, इसलिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया।
9 अगस्त 2026 की सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से इस पर आधिकारिक बयान जारी किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऋषभ पंत उत्तराखंड का गौरव हैं और राज्य के युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने तुरंत देहरादून और संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि वे खुद पंत और उनकी टीम से संपर्क करें। सीएम ने साफ किया कि जमीन अधिग्रहण से जुड़ी जो भी तकनीकी और कागजी रुकावटें आ रही हैं, उन्हें नियमानुसार जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि पंत बिना किसी मानसिक परेशानी के अपनी जन्मभूमि पर घर बना सकें।
आखिर क्यों आ रही है दिक्कत?
बड़े न्यूज़ हाउस के विश्लेषण के अनुसार, उत्तराखंड में बाहरी राज्यों के लोगों के लिए जमीन खरीदने के सख्त नियम हैं। हालांकि पंत मूल रूप से उत्तराखंड के ही हैं, लेकिन पेशेवर क्रिकेट के कारण उनका अधिकांश जीवन और दस्तावेज दिल्ली के जमीन पर दर्ज हैं। उत्तराखंड के भूमि कानूनों के तहत गैर-कृषि भूमि खरीदने की एक निश्चित सीमा तय की गई है। इसके अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी दरों पर जमीन आवंटन की प्रक्रिया बेहद जटिल और लालफीताशाही (Red Tapism) से भरी होती है। पंत के इस ट्वीट ने सीधे तौर पर राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और ब्यूरोक्रेसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्यों यह सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं है?
2022 के उस जानलेवा हादसे के बाद ऋषभ पंत के जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया है। उनके करीबियों का कहना है कि पंत अब ग्लैमर और बड़े शहरों के शोर-शराबे से दूर, अपनी मां और परिवार के साथ पहाड़ों की शुद्ध आबोहवा में समय बिताना चाहते हैं। वह उत्तराखंड में स्थानीय बच्चों के लिए एक वर्ल्ड-क्लास क्रिकेट एकेडमी भी खोलना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें एक बड़े भूखंड की जरूरत है। देश के लिए जान लगाने वाले खिलाड़ी को जब अपने ही राज्य में परेशान होना पड़ता है, तो यह खेल प्रेमियों और आम जनता दोनों को झकझोर देता है।
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Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.

