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Replacement Player से लेकर 2 ट्रॉफी जीतने तक का सफल कप्तान की जादुई सफर

Replacement Player: भारतीय क्रिकेट जगत में ऐसी कई कहानियाँ हैं जो संघर्ष और अटूट विश्वास की मिसाल पेश करती हैं। इन्हीं में से एक बेहद प्रेरणादायक कहानी मध्य प्रदेश के इंदौर से आने वाले दाएं हाथ के बल्लेबाज Rajat Patidar की है। आईपीएल (IPL) में अनसोल्ड रहने और टीम से बाहर होने के कगार से लेकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज और भारतीय राष्ट्रीय टीम तक का उनका सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा नजर आता है। यह कहानी सिखाती है कि अगर आपमें प्रतिभा है और आप मौके का इंतजार करना जानते हैं, तो किस्मत भी आपका साथ देने पर मजबूर हो जाती है।

शुरुआती संघर्ष और आईपीएल का पहला झटका

Rajat Patidar ने मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन की बदौलत साल 2021 के आईपीएल ऑक्शन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें उनके बेस प्राइस 20 लाख रुपये में खरीदा। हालांकि, उस सीजन में उन्हें सिर्फ 4 मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें वे केवल 71 रन ही बना सके। प्रदर्शन साधारण होने के कारण आरसीबी ने मेगा ऑक्शन से पहले उन्हें रिलीज कर दिया। इसके बाद साल 2022 के मेगा ऑक्शन में किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन पर भरोसा नहीं जताया और वे अनसोल्ड रह गए। किसी भी उभरते हुए क्रिकेटर के लिए यह एक बहुत बड़ा मानसिक झटका था।

Rajat Patidar 2022 मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड गए थे (Photo: Internet)

शादी टालकर बने आरसीबी के ‘संकटमोचक’

ऑक्शन में न बिकने के बाद Rajat Patidar ने क्रिकेट से थोड़ा ब्रेक लेने का मन बनाया। उन्होंने अपने निजी जीवन पर ध्यान केंद्रित करते हुए मई 2022 में शादी करने का फैसला किया। होटल की बुकिंग से लेकर शादी की तमाम तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। लेकिन तभी किस्मत ने एक अनोखा मोड़ लिया। आईपीएल 2022 सीजन के बीच में आरसीबी के विकेटकीपर-बल्लेबाज लवनीत सिसोदिया चोटिल होकर पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

आरसीबी प्रबंधन को एक ऐसे घरेलू बल्लेबाज की जरूरत थी जो मध्यक्रम को संभाल सके। तत्कालीन कोच माइक हेसन ने रजत पाटीदार को Replacement Player के तौर पर टीम में शामिल होने का बुलावा भेजा। रजत के सामने एक तरफ उनके जीवन का सबसे बड़ा निजी समारोह (शादी) था और दूसरी तरफ क्रिकेट करियर को दोबारा जिंदा करने का आखिरी मौका। उन्होंने अपने परिवार के सहयोग से शादी को स्थगित करने का एक कठिन फैसला लिया और सीधे आरसीबी के खेमें में शामिल हो गए।

प्लेऑफ़ (Eliminator) में रचा ऐतिहासिक इतिहास

Rajat Patidar का यह फैसला उनके पूरे जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। सीजन के लीग मैचों में उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेलीं, लेकिन उनका असली रौद्र रूप कोलकाता के ईडन गार्डन्स में देखने को मिला। आईपीएल 2022 के एलिमिनेटर मुकाबले में आरसीबी का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से था। बड़े मंच के भारी दबाव वाले इस नॉकआउट मैच में कप्तान फाफ डु प्लेसिस और विराट कोहली जल्दी पवेलियन लौट गए।

ऐसे नाजुक समय पर क्रीज पर आए रजत पाटीदार ने विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने महज 54 गेंदों में 12 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 112 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। यह आईपीएल इतिहास के प्लेऑफ़ में किसी भी ‘अनकैप्ड’ (जिसने अंतरराष्ट्रीय मैच न खेला हो) खिलाड़ी द्वारा लगाया गया पहला शतक था। इस जादुई पारी के दम पर आरसीबी ने मैच जीता। उन्होंने उस सीजन में केवल 8 मैचों में 55.50 की शानदार औसत और 152.75 के स्ट्राइक रेट से 333 रन बनाया।

साल 2022 की सफलता के बाद Rajat Patidar आरसीबी के मुख्य कोर ग्रुप का हिस्सा बन गए। लेकिन साल 2023 की शुरुआत में उन्हें एक और बड़ा झटका लगा। एड़ी की गंभीर चोट (Achilles Tendon Injury) के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी, जिसके चलते वे आईपीएल 2023 के पूरे सीजन से बाहर हो गए। इस कठिन दौर में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में महीनों की कड़ी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी में लगातार रन बनाए और अपनी क्लास साबित की।

Rajat Patidar को 2025 में मिला RCB की कैप्टेंसी और उसी साल मिला RCB को पहला ट्रॉफी और 2026 में भी मिला बैक टू बैक ट्रॉफी। (Photo: Internet)

टीम इंडिया का बुलावा और भविष्य की राह

घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में स्पिन के खिलाफ उनकी बेहतरीन तकनीक और तेज गति से रन बनाने की क्षमता को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज नहीं किया। दिसंबर 2023 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्हें अपना वनडे (ODI) डेब्यू करने का मौका मिला। इसके ठीक बाद, फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू भी किया। आईपीएल 2024 में भी उन्होंने आरसीबी के लिए खेलते हुए कई ताबड़तोड़ अर्धशतक लगाए और टीम को लगातार मैच जीतकर प्लेऑफ़ तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

कप्तान के रूप में आरसीबी की खिताबी जीत

साल 2024 में आरसीबी के लिए शानदार प्रदर्शन करने (13 मैचों में 395 रन) के बाद, फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन किया और 2025 में उन्हें टीम का नया कप्तान नियुक्त किया। कप्तान के रूप में उनका यह कदम आरसीबी के लिए वरदान साबित हुआ। उन्होंने टीम के गैर-जरूरी दबाव को खत्म किया और विराट कोहली की विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपनी निस्वार्थ कप्तानी से 17 साल का सूखा खत्म कर दिया। रजत की कप्तानी में आरसीबी ने अपना पहला ऐतिहासिक आईपीएल खिताब जीता।साल 2026 में भी उनका शानदार फॉर्म जारी रहा, जहां उन्होंने सीजन में 501 रन बनाए और अपने नेतृत्व में टीम को डिफेंडिंग चैंपियन (Defending Champion) बनाया।

कनक्लूजन

Rajat Patidar का सफर सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह धैर्य और विश्वास की जीत है। जो खिलाड़ी कभी अनसोल्ड था, उसने अपनी शादी की कीमत पर मिले मौके को भुनाया और एक ‘रिप्लेसमेंट’ से आरसीबी के सबसे भरोसेमंद लीडर और ‘चैंपियन’ बन गया। उनकी यह कहानी करोड़ों युवाओं को प्रेरित करती है।

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