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कपिल देव के बाद Ravindra Jadeja! 90 टेस्ट में बना डाला वो रिकॉर्ड, कुंबले-अश्विन भी रह गए पीछे

Ravindra Jadeja

न्यू दिल्ली, खेल नॉनस्टॉप (18 अगस्त 2026)

Ravindra Jadeja ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन अपने नाम एक ऐसी उपलब्धि कर ली, जो टेस्ट क्रिकेट में बेहद कम खिलाड़ियों के हिस्से आई है। श्रीलंका की पहली पारी में 3 विकेट लेते ही जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे कर लिए। इसके साथ ही वह 4,000 से ज्यादा रन और 350 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे खिलाड़ी बन गए।

जडेजा से पहले इस खास क्लब में भारत के कपिल देव, इंग्लैंड के इयान बॉथम और न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी शामिल थे। भारत की बात करें तो कपिल देव के बाद जडेजा यह दुर्लभ डबल पूरा करने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय हैं।

350 विकेट के साथ जडेजा ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड

जडेजा इस टेस्ट में उतरने से पहले 89 मैचों में 4,095 रन और 348 विकेट ले चुके थे। यानी उन्हें 350 विकेट पूरे करने के लिए सिर्फ दो विकेट चाहिए थे। श्रीलंका की पारी में जडेजा ने पहले जरूरी विकेट हासिल किए और फिर 350 का आंकड़ा छू लिया। उनका तीसरा विकेट कशारा नुवान्था का रहा, जिन्हें शुभमन गिल ने कैच किया। इसके साथ ही जडेजा का टेस्ट विकेटों का आंकड़ा 350 हो गया।

इस उपलब्धि के साथ जडेजा ने सिर्फ 350 विकेट का आंकड़ा ही नहीं छुआ, बल्कि 4,000 रन और 350 विकेट का वह डबल भी पूरा कर लिया, जो टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में अब तक सिर्फ चार खिलाड़ियों के नाम है। जडेजा ने यह उपलब्धि 90 टेस्ट मैचों में हासिल की है और इस मामले में उनसे आगे सिर्फ इयान बॉथम हैं, जिन्होंने 83 टेस्ट में यह डबल पूरा किया था। कपिल देव ने 100 और डेनियल विटोरी ने 106 टेस्ट में यह मुकाम हासिल किया था।

कपिल देव के बाद जडेजा यह दुर्लभ डबल पूरा करने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय हैं।

4,000 रन और 350 विकेट वाले चार खिलाड़ी

इस सूची में जडेजा सबसे कम टेस्ट मैचों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों में दूसरे स्थान पर हैं। खास बात यह भी है कि इस क्लब में शामिल चारों खिलाड़ी शानदार ऑलराउंडर रहे हैं।

कुंबले, अश्विन और हरभजन क्यों नहीं बना सके यह रिकॉर्ड?

जडेजा की इस उपलब्धि को समझने के लिए अनिल कुंबले, रविचंद्रन अश्विन और हरभजन सिंह के रिकॉर्ड पर नजर डालना भी जरूरी है। इन तीनों भारतीय स्पिनरों ने 350 से ज्यादा टेस्ट विकेट लिए हैं। कुंबले के नाम 619, अश्विन के नाम 537 और हरभजन सिंह के नाम 417 टेस्ट विकेट हैं। लेकिन तीनों में से कोई भी टेस्ट क्रिकेट में 4,000 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

यही वजह है कि जडेजा का रिकॉर्ड सिर्फ 350 विकेट तक सीमित नहीं है। वह गेंद से इस आंकड़े तक पहुंचने के साथ-साथ बल्ले से भी 4,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इसीलिए वह कपिल देव के बाद इस खास क्लब में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय बने हैं। जडेजा 350 टेस्ट विकेट लेने वाले भारत के पांचवें गेंदबाज भी हैं।

हालांकि, एक बात यहां साफ करना जरूरी है। जडेजा इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले बाएं हाथ के स्पिनर नहीं हैं। न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी उनसे पहले यह डबल पूरा कर चुके हैं। 350 विकेट के बाद जडेजा बाएं हाथ के स्पिनरों में टेस्ट विकेटों के मामले में तीसरे स्थान पर हैं, उनसे आगे विटोरी और श्रीलंका के रंगना हेराथ हैं।

सुथार और जडेजा ने श्रीलंका को 284 पर समेटा

गॉल टेस्ट के तीसरे दिन जडेजा के रिकॉर्ड के साथ भारतीय गेंदबाजी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने 21.4 ओवर में 76 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि जडेजा ने 21 ओवर में 57 रन देकर 3 विकेट झटके। दोनों ने मिलकर श्रीलंका के सात बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

श्रीलंका ने एक समय 99 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि भारत फॉलोऑन का मौका बना सकता है। लेकिन सोनल दीनूषा ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाकर भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने 100 रन की पारी खेली, जबकि निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाए। दोनों ने छठे विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी करके श्रीलंका की पारी को संभाला।

हालांकि, सुथार और जडेजा ने बाद में श्रीलंका के निचले क्रम को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। पूरी टीम 79.4 ओवर में 284 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिल गई।

भारत की 178 रन की बढ़त, जडेजा के लिए यादगार दिन

इससे पहले भारत ने अपनी पहली पारी में 462 रन बनाए थे। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 167 रन की पारी खेली, जबकि केएल राहुल ने 82 रन बनाए। इसके अलावा ध्रुव जुरेल ने भी 51 रन का योगदान दिया। श्रीलंका की तरफ से प्रभात जयसूर्या ने 4 विकेट और कशारा नुवान्था ने 3 विकेट लिए थे।

श्रीलंका के 284 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारत को 178 रन की पहली पारी की बढ़त मिली। तीसरे दिन बारिश के कारण खेल समय से पहले खत्म हुआ, इसलिए भारत के पास अपनी दूसरी पारी शुरू करने का मौका नहीं आया। चौथे दिन टीम इंडिया के सामने अब बढ़त को और मजबूत करने और मैच में जीत का रास्ता तैयार करने की चुनौती होगी।

जडेजा के लिए हालांकि यह टेस्ट पहले ही खास बन चुका है। 90 टेस्ट मैचों में 4,108 रन और 350 विकेट के साथ उन्होंने कपिल देव, इयान बॉथम और डेनियल विटोरी जैसे दिग्गज ऑलराउंडर्स के खास क्लब में जगह बना ली है। भारतीय क्रिकेट में कपिल देव के बाद जडेजा का नाम इस दुर्लभ उपलब्धि के साथ जुड़ना उनके लंबे टेस्ट करियर की एक बड़ी उपलब्धि है।

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