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टॉस से लेकर जीत तक India Women’s ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से नहीं मिलाया हाथ

India women’s:आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 (ICC Women’s T20 World Cup 2026) के सबसे हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 64 रनों से करारी शिकस्त देकर अपने अभियान का दमदार आगाज किया है। लेकिन इस समय सोशल मीडिया पर भारत की इस बड़ी जीत से ज्यादा चर्चा मैदान पर दिखे एक सख्त रुख की हो रही है।

मैच की पहली गेंद फेंकने से पहले ही जब दोनों कप्तान हरमनप्रीत कौर और फातिमा सना टॉस के लिए आमने-सामने आईं, तो वहां ‘नो हैंडशेक’ (No Handshake) का हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। हरमनप्रीत ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी चुनी और विरोधी कप्तान से हाथ मिलाए बिना सीधे ब्रॉडकास्टर मेल जोन्स से बात करने चली गईं। यह सिलसिला सिर्फ टॉस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मैच खत्म होने के बाद भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच कोई शेकहैंड नहीं हुआ।

क्यों पाकिस्तान से हाथ नहीं मिला रही टीम इंडिया?

मैदान पर दिखा India women’s का यह कड़ा रुख कोई अचानक या बिना सोचा-समझा फैसला नहीं था, बल्कि यह बीसीसीआई (BCCI) की एक अनलिखित और बेहद सख्त नीति का हिस्सा है। दरअसल मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने यह बड़ा कदम उठाया था। इस नई रणनीति के तहत भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर खेल भावना के तहत हाथ न मिलाने का फैसला किया।

भारतीय क्रिकेट में इस सख्त परंपरा की शुरुआत सबसे पहले पुरुष टीम के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने की थी। उन्होंने 2025 एशिया कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ मैच में पहली बार हाथ मिलाने से साफ मना कर दिया था। अब इसी नियम को अंडर-19 टीम से लेकर सीनियर महिला नेशनल टीम तक, हर बड़े आईसीसी (ICC) और एशिया कप टूर्नामेंट में पूरी कड़ाई के साथ फॉलो किया जा रहा है।

‘No Handshake’ भारत महिला बनाम पाकिस्तान महिला के बीच वर्ल्ड कप में खेले गए मैच के दौरान टॉस से लेकर मैच जीतने तक खिलाड़ियों ने आपस में हाथ नहीं मिलाया । (Photo:ICC)

कप्तान हरमनप्रीत और पाकिस्तानी कोच का बयान

मैच के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर सवाल उठाया गया, तो दोनों ही खेमों की तरफ से बिल्कुल अलग और संभले हुए बयान देखने को मिले। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने किसी भी तरह के बड़े राजनीतिक विवाद से बचते हुए साफ शब्दों में कहा कि टीम का पूरा ध्यान केवल अपने खेल पर केंद्रित है और वे यहां सिर्फ अपनी क्रिकेट खेलने के लिए आए हैं।

दूसरी तरफ, पाकिस्तान टीम की इस करारी हार के बाद जब उनके हेड कोच वहाब रियाज से पूछा गया कि क्या मैदान के बाहर दोनों देशों के क्रिकेट संबंध पूरी तरह ठंडे हो चुके हैं, तो उन्होंने मामले को टाल दिया। वहाब रियाज ने कहा कि वे खुद बहुत पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं, इसलिए मैदान के अंदर दोनों कप्तानों के बीच हाथ न मिलाने की क्या असली वजह रही, इसके बारे में उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

मैच का पूरा हाल

इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना की 68 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 170 रनों का एक मजबूत और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था।

जीत के लिए मिले 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम महज 106 रनों के मामूली स्कोर पर ही सिमट गई। भारत की तरफ से स्टार स्पिनर दीप्ति शर्मा ने कातिलाना गेंदबाजी का नजारा पेश करते हुए अपने कोटे में केवल 10 रन देकर 5 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच‘ के खिताब से भी नवाजा गया।

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