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टीम इंडिया में No 3 के परमानेंट बल्लेबाज की खोज पूरी, इस खूंखार खिलाड़ी को मिलेगा लंबा मौका

No 3 बल्लेबाज की खोज पूरी : भारतीय टेस्ट क्रिकेट इस समय एक बड़े बदलाव (Transition Phase) के दौर से गुजर रहा है. चेतेश्वर पुजारा के बाद टेस्ट टीम में नंबर-3 का पायदान सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ था, लेकिन अब मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस पर से पूरी तरह पर्दा हटा दिया है. अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि बाएं हाथ के क्लासिक बल्लेबाज Sai Sudharshan ही नंबर-3 की पोजीशन संभालेंगे. गंभीर ने दो टूक शब्दों में कहा कि Sai Sudharshan को इस महत्वपूर्ण पायदान पर एक लंबा और निष्पक्ष मौका दिया जाएगा.

यह फैसला भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है. आइए विस्तार से समझते हैं कि साई सुदर्शन को लेकर कोच गंभीर का क्या प्लान है, श्रीलंका दौरे के लिए क्या खास रणनीति बन रही है और ऋषभ पंत को लेकर क्या बड़ा संदेश दिया गया है.

साई सुदर्शन पर गंभीर का अटूट भरोसा:

Sai Sudharshan ने अब तक अपने करियर में 6 टेस्ट मैच खेले हैं, जहां उनका औसत 30 से थोड़ा कम रहा है. लेकिन आंकड़े पूरी कहानी बयां नहीं करते. गौतम गंभीर ने युवा खिलाड़ी का बचाव करते हुए कहा, “ईमानदारी से कहें तो साई सुदर्शन को अभी तक अपनी काबिलियत साबित करने का पूरा मौका नहीं मिला है. उन्होंने अपने शुरुआती टेस्ट मैच इंग्लैंड की उन पिचों पर खेले जहां बल्लेबाजी करना सबसे कठिन माना जाता है. अगर हम किसी खिलाड़ी को सिर्फ 4 या 5 पारियों के आधार पर जज करने लगेंगे, तो हम कभी एक मजबूत टीम का निर्माण नहीं कर पाएंगे।”

कोच ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान फॉर्म के मामले में Sai Sudharshan बहुत आगे हैं. उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए 722 रन बनाए हैं. घरेलू और सफेद गेंद के क्रिकेट में उनके इसी शानदार प्रदर्शन को देखते हुए टीम मैनेजमेंट ने उन्हें देवदत्त पडिक्कल के ऊपर तरजीह दी है. गंभीर का मानना है कि Sai Sudharshan के पास वह तकनीक और संयम है जो टेस्ट क्रिकेट में No 3 के बल्लेबाज के पास होना जरूरी है.

Sai Sudharshan will play at no 3 position in test cricket (Photo: Internet)

श्रीलंका दौरे के लिए चक्रव्यूह तैयार: एक साथ खेलेंगे 4 स्पिनर्स!

गौतम गंभीर सिर्फ वर्तमान मैच नहीं, बल्कि टीम इंडिया के अगले दो साल के भविष्य का खाका तैयार कर रहे हैं. उन्होंने आगामी अगस्त में होने वाले श्रीलंका दौरे को लेकर अपनी रणनीति साझा की. श्रीलंका की पिचें पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों की मददगार होती हैं, इसे ध्यान में रखते हुए गंभीर ने कहा कि टीम इंडिया वहां चार स्पेशलिस्ट स्पिनर्स के साथ उतरने की योजना बना रही है.

इस चौथे स्पिनर की खोज के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट मैच का इस्तेमाल एक ‘ऑडिशन’ के रूप में किया जा रहा है. टीम में  रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के अलावा एक और स्पिनर की जगह खाली है. इसके लिए युवा स्पिनर मानव सुथार और हर्ष दूबे के बीच कड़ी टक्कर चल रही है. जो भी खिलाड़ी इस मौके को भुनाएगा, उसे श्रीलंका की फ्लाइट का टिकट मिलना लगभग तय है.

ऋषभ पंत के लिए सख्त संदेश:

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत का रहा. पंत को हाल ही में उप-कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है, जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं. कोच गंभीर ने इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि पंत को टीम मैनेजमेंट का पूरा समर्थन हासिल है.

हालांकि, गंभीर ने पंत को उनकी बल्लेबाजी शैली को लेकर एक गुरुमंत्र और सख्त संदेश भी दिया. गंभीर ने कहा, “पंत एक मैच-विनर खिलाड़ी हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की मांग बहुत अलग होती है. उन्हें अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली और मैच की परिस्थितियों के बीच एक संतुलन बनाना होगा. कई बार क्रीज पर समय बिताना और विपक्षी गेंदबाजों के अच्छे स्पेल का सम्मान करना ज्यादा जरूरी होता है।”

न्यूजीलैंड दौरे के लिए अलग रणनीति: वनडे के दिग्गजों की हो सकती है टेस्ट में एंट्री

भारतीय टीम के विदेशी दौरों के रिकॉर्ड को बेहतर करने के लिए गंभीर ने एक और बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि हर देश की परिस्थितियां अलग होती हैं और हमें उसी के अनुरूप ढलना होगा. उदाहरण के लिए, जब टीम इंडिया न्यूजीलैंड का दौरा करेगी, तो वहां की सीमिंग और स्विंग पिचों को देखते हुए रणनीति पूरी तरह बदल जाएगी.

गंभीर के अनुसार, “न्यूजीलैंड जैसी कठिन परिस्थितियों के लिए हमें अलग तरह से तैयारी करनी होगी. इसके लिए जरूरत पड़ने पर हम कुछ प्रमुख वनडे (ODI) खिलाड़ियों को भी टेस्ट टीम में शामिल करेंगे, जो परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने में माहिर हैं।” यह दिखाता है कि गंभीर अब ‘एक फॉर्मेट, एक खिलाड़ी’ की रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठकर लचीली टीम चुनना चाहते हैं.

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