ICC Hall of Fame 2026: 11 जुलाई 2026 को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में आयोजित एक शानदार समारोह में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भारतीय पुरुष टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, पूर्व महिला कप्तान अंजुम चोपड़ा और इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन को प्रतिष्ठित ‘आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम’ (क्लास ऑफ 2026) में शामिल किया। इस विशेष सम्मान के साथ अब इस वैश्विक एलीट क्लब के सदस्यों की कुल संख्या 125 हो गई है।
क्या है ICC हॉल ऑफ फेम अवार्ड और किसे दिया जाता है?
आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम खेल के इतिहास में अभूतपूर्व योगदान देने वाले दिग्गजों को सम्मानित करने वाला सबसे सर्वोच्च व्यक्तिगत पुरस्कार है। इसकी स्थापना आईसीसी के शताब्दी समारोह के हिस्से के रूप में 2 जनवरी 2009 को की गई थी। यह सम्मान हर खिलाड़ी को नहीं मिलता। नियम के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को इस क्लब में शामिल होने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिए कम से कम 5 वर्ष पूरे होने जरूरी हैं। यह सम्मान किसी खिलाड़ी के संन्यास के बाद उसके करियर की विरासत, खेल पर छोड़े गए अमिट प्रभाव और आने वाली पीढ़ियों के लिए उसकी प्रेरणा को हमेशा के लिए अमर कर देता है।
सौरव गांगुली – वो कप्तान जिसने टीम इंडिया को निडर बनाया
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के चहेते ‘दादा‘ ने उस दौर में टीम की कमान संभाली थी जब भारतीय क्रिकेट कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। उन्होंने युवाओं पर दांव लगाया और टीम को विदेशों में जाकर जीतना सिखाया। गांगुली ने अपने करीब डेढ़ दशक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में 113 टेस्ट और 311 वनडे मैच खेलकर 18,575 रन बनाए।
वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के साथ उनकी ओपनिंग जोड़ी आज भी दुनिया की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाती है। साल 2001 में ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फॉलोऑन के बाद मिली ऐतिहासिक टेस्ट जीत और 2002 में लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराना उनके करियर के सबसे आइकॉनिक पल हैं।
अवार्ड मिलने पर भावुक होते हुए गांगुली ने कहा,
“क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम देखना मेरे जीवन के सबसे यादगार और अनमोल पलों में से एक रहेगा। भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए एक सौभाग्य था और मैं इस सर्वोच्च सम्मान के लिए आईसीसी चेयरमैन जय शाह को धन्यवाद देता हूँ।”
केविन पीटरसन – आधुनिक युग का पहला ‘रॉकस्टार’ बल्लेबाज
केविन पीटरसन अपने दौर में खेल की परिभाषा बदलने वाले खिलाड़ी थे। अपनी आक्रामक और लीक से हटकर बल्लेबाजी (जैसे कलाई के सहारे ‘स्विच हिट’ शॉट खेलना) के लिए मशहूर पीटरसन इंग्लैंड के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। पीटरसन ने इंग्लैंड के लिए 104 टेस्ट, 136 वनडे और 37 टी20 मैचों में कुल 13,797 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। साल 2005 की ऐतिहासिक एशेज सीरीज के आखिरी मैच में ओवल के मैदान पर उनकी 158 रनों की जांबाज पारी ने इंग्लैंड को 17 साल बाद खिताब जिताया था। इसके अलावा, 2010 में इंग्लैंड को पहला टी20 वर्ल्ड कप जिताने में वह मुख्य सूत्रधार रहे और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुने गए।
अवार्ड मिलने पर पीटरसन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा –
“आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होना एक बेहद विनम्र अनुभव है। यह एक क्रिकेटर को मिलने वाली सबसे बड़ी पहचान है और इस बात को पूरी तरह से महसूस करने में मुझे थोड़ा समय लगेगा। मैं अपने परिवार, कोचों और प्रशंसकों का आभारी हूँ।”
अंजुम चोपड़ा – महिला क्रिकेट की मार्गदर्शक और पथप्रदर्शक
अंजुम चोपड़ा क्लास ऑफ 2026 में शामिल होने वाली एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं। उस दौर में जब महिला क्रिकेट को बहुत कम संसाधन मिलते थे, अंजुम ने अपनी तकनीक और कप्तानी के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट की मजबूत नींव रखी। 17 साल लंबे करियर में अंजुम ने 12 टेस्ट, 127 वनडे और 18 टी20 मैच खेलकर 3,645 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। वह 100 वनडे मैच खेलने वाली और 1000 वनडे रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं। साल 2002 में उन्हीं की कप्तानी में भारत ने दक्षिण अफ्रीका में अपनी पहली विदेशी टेस्ट जीत दर्ज की थी।
अवार्ड मिलने पर अपने सफर को याद करते हुए अंजुम ने कहा,
“एक खेल प्रेमी परिवार में पली-बढ़ी होने के कारण मैंने बचपन से दिग्गजों की कहानियां सुनी थीं और देश के लिए खेलने का सपना देखा था। खेल के सबसे महान खिलाड़ियों के बीच जगह पाना वास्तव में एक बहुत बड़ा सम्मान है, जिसने मेरे पूरे करियर को सार्थक कर दिया।”
भारत से इससे पहले किन दिग्गजों को मिल चुका है यह सम्मान?
सौरव गांगुली और अंजुम चोपड़ा से पहले भारत के 11 अन्य महान खिलाड़ियों को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया जा चुका है। गांगुली इस क्लब में शामिल होने वाले 12वें भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं, जबकि अंजुम चोपड़ा इस सूची में जगह बनाने वाली तीसरी भारतीय महिला क्रिकेटर हैं।
अब तक शामिल हो चुके सभी भारतीय दिग्गजों की पूरी सूची (शामिल होने के वर्ष के अनुसार) नीचे दी गई है:
- सुनील गावस्कर (वर्ष 2009 )
- बिशन सिंह बेदी (वर्ष 2009 )
- कपिल देव (वर्ष 2010 )
- अनिल कुंबले (वर्ष 2015 )
- राहुल द्रविड़ (वर्ष 2018)
- सचिन तेंदुलकर (वर्ष 2019 )
- वीनू मांकड़ (वर्ष 2021 )
- वीरेंद्र सहवाग (वर्ष 2023 )
- डायना एडुल्जी (वर्ष 2023 – पहली भारतीय महिला खिलाड़ी)
- नीतू डेविड (वर्ष 2024 में शामिल द्वितीय भारतीय महिला क्रिकेटर)
- एमएस धोनी (वर्ष 2025 )
- सौरव गांगुली (वर्ष 2026 )
- अंजुम चोपड़ा (वर्ष 2026 – तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी)
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Gobin Sharma is a professional digital sports journalist and cricket analyst with over 3+ years of experience tracking international cricket and domestic leagues. Specializing in IPL tactical breakdowns, ICC tournament statistics, and real-time match reporting, he delivers accurate, fact-checked, and data-driven insights for avid cricket fans worldwide. For editorial inquiries or updates, reach out via Twitter or Email.

