खेल की हर खबर, सबसे पहलेKHEL NONSTOP · CRICKET & SPORTS
Men's Cricket

Glenn Maxwell: MCG में आखिरी मैच खेलने की उम्मीद अधूरी, 14 साल बाद खत्म हुआ सफर

Glenn Maxwell Retirement
ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा
READ YOUR WAY

खेलनॉनस्टॉप,नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले Glenn Maxwell अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी टीम की जर्सी पहनकर मैदान पर नहीं उतरेंगे। 38 साल की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उनके इस फैसले के साथ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक ऐसे खिलाड़ी का सफर खत्म हो गया, जिसकी बल्लेबाजी को किसी एक तय अंदाज में बांधना मुश्किल था।

मैक्सवेल ने अपने करियर में कई बार ऐसे शॉट खेले, जिनकी उम्मीद गेंदबाजों को नहीं होती थी। जरूरत पड़ने पर उन्होंने तेज रन बनाए और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने की जिम्मेदारी भी उठाई। हालांकि, उनके संन्यास की खबर के साथ एक ऐसी बात भी सामने आई है, जो उनके प्रशंसकों को निराश कर सकती है। जिस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया को कई बड़े मुकाबले जिताए, उसे अपने घरेलू मैदान पर विदाई मैच खेलने का मौका भी नहीं मिला।

इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मैच खेलने की थी उम्मीद

मैक्सवेल ने वनडे क्रिकेट से जून 2025 में ही संन्यास ले लिया था। इसके बाद उनका पूरा ध्यान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर था। वह इस साल फरवरी में भारत और श्रीलंका में खेले गए टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की टीम का हिस्सा थे। ओमान के खिलाफ खेला गया मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच साबित हुआ।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश दौरे पर युवा खिलाड़ियों को मौका दिया। मैक्सवेल को उस दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली। इंग्लैंड के खिलाफ नवंबर में होने वाली टी20 सीरीज के लिए भी चयनकर्ताओं ने उन्हें नहीं चुना। मैक्सवेल को उम्मीद थी कि वह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर इंग्लैंड के खिलाफ खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विदाई दे सकेंगे। लेकिन टीम में जगह नहीं मिलने के बाद उन्होंने संन्यास का फैसला कर लिया।

'द फाइनल वर्ड' पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान मैक्सवेल ने बताया कि चयनकर्ताओं के साथ उनकी वापसी को लेकर बातचीत हुई थी। हालांकि, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की टीम में नए खिलाड़ियों को मौका देने की योजना को भी समझा। आने वाले समय में 2028 ओलंपिक को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया अपनी टी20 टीम को नए सिरे से तैयार करना चाहता है।

अब शरीर पर देना चाहते हैं ज्यादा ध्यान

मैक्सवेल के संन्यास की एक बड़ी वजह उनका शरीर और फिटनेस से भी जुड़ी है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह अपने शरीर को संभालने पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं, ताकि अपने करियर के बचे हुए टूर्नामेंट खेल सकें।

उनका फैसला केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक सीमित नहीं है। मैक्सवेल ने विक्टोरिया के लिए घरेलू 50 ओवर और चार दिवसीय क्रिकेट से भी संन्यास लेने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अब वह घरेलू प्रथम श्रेणी और एक दिवसीय क्रिकेट में भी नजर नहीं आएंगे।

हालांकि, फ़्रैंचाइजी क्रिकेट से उनका रिश्ता अभी खत्म नहीं हुआ है। वह मेलबर्न स्टार्स के लिए बिग बैश लीग में खेलना जारी रखेंगे। इसके अलावा दूसरे फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट में भी उनके खेलने की संभावना बनी रहेगी।

अफगानिस्तान के खिलाफ वह पारी कौन भूल सकता है?

मैक्सवेल के करियर की बात हो और 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 201 रन की पारी का जिक्र न हो, ऐसा हो नहीं सकता। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के सामने 292 रन का लक्ष्य था। लेकिन टीम ने 91 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। उस समय ऑस्ट्रेलिया की जीत मुश्किल दिखाई दे रही थी। इसके बाद मैक्सवेल ने कप्तान पैट कमिंस के साथ मिलकर मुकाबले का रुख बदल दिया।

मैक्सवेल ने पैर में ऐंठन और शारीरिक परेशानी के बावजूद बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से जीत दिलाई। यह पारी आज भी वनडे विश्व कप के इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।

उनके करियर में यह अकेली बड़ी उपलब्धि नहीं थी। मैक्सवेल 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा 2021 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

Glenn Maxwell Retirement
ग्लेन मैक्सवेल शतक के बाद जश्न मनाते हुए

आंकड़े बताते हैं कितना बड़ा रहा करियर

ग्लेन मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 286 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। इनमें सात टेस्ट, 149 वनडे और 130 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 3,990 रन बनाए, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके नाम 2,897 रन दर्ज हैं। सबसे खास बात यह है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम पांच शतक हैं। भारत के रोहित शर्मा के अलावा किसी अन्य खिलाड़ी ने भी अब तक इतनी शतकीय पारियां नहीं खेली हैं।

गेंदबाजी में भी मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए उपयोगी योगदान दिया। छोटे प्रारूपों में उनके नाम 128 विकेट दर्ज हैं।

ऑस्ट्रेलिया को अब खलेगी मैक्सवेल की कमी

मैक्सवेल के जाने से ऑस्ट्रेलिया की टीम ने केवल एक बल्लेबाज नहीं खोया है। उसने ऐसा खिलाड़ी खोया है, जो जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाल सकता था, ऑफ स्पिन से विकेट निकाल सकता था और मैदान पर शानदार क्षेत्ररक्षण भी करता था। उनकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को मौका जरूर मिलेगा, लेकिन मैक्सवेल जैसा अनुभव और खेलने का अंदाज हासिल करना आसान नहीं होगा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सफर अब समाप्त हो चुका है। हालांकि, प्रशंसकों को उन्हें मैदान पर देखने के लिए अभी पूरी तरह इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बिग बैश लीग में वह एक बार फिर मेलबर्न स्टार्स की जर्सी में नजर आएंगे। ऑस्ट्रेलिया के लिए उनका आखिरी मैच भले ही बिना किसी विदाई समारोह के खत्म हुआ हो, लेकिन 2023 विश्व कप की वह 201 रन की पारी लंबे समय तक उनके नाम के साथ जुड़ी रहेगी।


यह भी पढ़े: क्रिकेट जगत में सन्नाटा: Kane Williamson ने अचानक किया संन्यास का ऐलान

That’s the over. What’s your take?

The conversation