खेलनॉनस्टॉप,नई दिल्ली: भारतीय टीम में जगह बनाना किसी भी घरेलू क्रिकेटर के लिए आसान नहीं होता। कई खिलाड़ी सालों तक घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिलता। जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Auqib Nabi ने भी इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार किया है। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में उन्हें शुरुआत से भारतीय टीम के साथ रहने का मौका मिला है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 31 अक्टूबर को टीम में बदलाव की जानकारी दी। चयन समिति ने Auqib Nabi को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन वनडे मैचों के लिए भी भारतीय टीम में शामिल कर लिया है। इससे पहले उन्हें सीरीज के चौथे और पांचवें मुकाबले के लिए चुना गया था। अब वह पहले मैच से ही टीम के साथ उपलब्ध रहेंगे। यह फैसला इसीलिए लिया गया है क्योंकि भारतीय तेज गेंदबाज Prasidh Krishna चोट के कारण पूरी वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं।
Prasidh Krishna के बाहर होने से बदला टीम का समीकरण
Prasidh Krishna की फिटनेस को लेकर पहले से स्थिति साफ नहीं थी। वह हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे थे और न्यूजीलैंड दौरे पर उनकी उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर थी। 30 अक्टूबर को ICC ने पुष्टि की कि वह पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए फिटनेस क्लीयरेंस हासिल नहीं कर पाए हैं। इसके अगले दिन BCCI ने Auqib Nabi को पहले तीन वनडे के लिए भी टीम में शामिल करने की घोषणा की। इससे भारतीय टीम के पास तेज गेंदबाजी का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो गया है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेला जाएगा। दूसरा मैच 7 नवंबर को वेलिंगटन और तीसरा मुकाबला 10 नवंबर को हैमिल्टन में होगा। ऐसे में Nabi को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अपनी गेंदबाजी दिखाने का अच्छा अवसर मिल सकता है।
रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट लेकर बनाई अलग पहचान
Auqib Nabi को भारतीय टीम तक पहुंचाने में घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन की बड़ी भूमिका रही है। 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तरफ से खेलते हुए 60 विकेट हासिल किए। वह पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उनके प्रदर्शन की खास बात यह थी कि उन्होंने केवल लीग मुकाबलों में ही नहीं, बल्कि बड़े मैचों में भी अपनी उपयोगिता साबित की।
मध्य प्रदेश के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कुल 12 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया था। इसके बाद कर्नाटक के खिलाफ फाइनल में भी Nabi ने पांच विकेट हासिल किए। जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया और इस ऐतिहासिक जीत में Nabi की गेंदबाजी महत्वपूर्ण रही थी। लगातार दो रणजी सीजन में 104 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने दिखाया कि वह लंबे समय तक लगातार अच्छी गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं। यही प्रदर्शन उन्हें भारतीय टीम के चयन की दौड़ में मजबूत बनाता है।
वनडे डेब्यू में महंगे साबित हुए थे
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Auqib Nabi की शुरुआत आसान नहीं रही। उन्होंने 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। इस मुकाबले में उन्हें गेंदबाजी के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। Nabi ने 8.5 ओवर में 84 रन खर्च किए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। हालांकि, उस मुकाबले में बल्लेबाजों का दबदबा रहा और भारतीय टीम ने 406 रन का लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की।
अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में महंगे साबित होने के बाद अब उनके सामने खुद को बेहतर साबित करने की चुनौती है। घरेलू क्रिकेट में जिस नियंत्रण और निरंतरता के लिए उन्होंने पहचान बनाई है, उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराना उनके लिए जरूरी होगा।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में होगी असली परीक्षा
न्यूजीलैंड की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए कई बार मददगार साबित होती हैं। वहां की पिचों में गेंद को स्विंग कराने वाले गेंदबाज बल्लेबाजों के सामने परेशानी खड़ी कर सकते हैं। Nabi के लिए यह परिस्थितियां अपनी गेंदबाजी की क्षमता दिखाने का अच्छा अवसर बन सकती हैं। हाल ही में इंडिया ए की तरफ से न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेले गए पहले अनौपचारिक टेस्ट में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। इस चार दिवसीय मुकाबले की दोनों पारियों में उन्होंने तीन-तीन विकेट हासिल किए। दूसरी पारी में उनके गेंदबाजी आंकड़े 3/28 रहे।
हालांकि, इस प्रदर्शन के आधार पर वनडे टीम में उनकी जगह पक्की नहीं मानी जा सकती। भारतीय टीम में Mohammed Siraj, Arshdeep Singh, Anshul Kamboj और Gurnoor Brar जैसे तेज गेंदबाजी विकल्प भी मौजूद हैं। ऐसे में अंतिम एकादश में जगह बनाने के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है।
Auqib Nabi के लिए न्यूजीलैंड दौरा अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। रणजी ट्रॉफी में लगातार विकेट लेने के बाद अब उनके सामने उसी प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहराने की चुनौती है। देखना होगा कि वह इस मौके का कितना फायदा उठा पाते हैं।
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