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संन्यास के बाद Ajinkya Rahane का सबसे बड़ा खुलासा, सबसे पहले आया था सचिन तेंदुलकर का कॉल

Ajinkya Rahane

"संन्यास के बाद सबसे पहले सचिन तेंदुलकर ने कॉल किया था" - अजिंक्य रहाणे

स्पोर्ट्स डेस्क/खेल नॉनस्टॉप: भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे शांत, शालीन और संकटमोचक बल्लेबाजों में शुमार Ajinkya Rahane ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है। इस अचानक और चौंकाने वाले फैसले ने करोड़ों क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया था। लेकिन अब संन्यास के ठीक बाद रहाणे ने अपने पूर्व सीनियर साथी और क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के साथ हुई बातचीत को लेकर एक ऐसा भावुक खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।

आमतौर पर देखा जाता है कि जब कोई बड़ा खिलाड़ी खेल को अलविदा कहता है, तो चारों तरफ सिर्फ अटकलों का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन रहाणे ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए अपने विशेष इंटरव्यू में बेहद परिपक्वता से दिल खोलकर बात की और बताया कि संन्यास का वीडियो पोस्ट करने के बाद उनके फोन पर क्या गुजरा।

संन्यास का ऐलान और सचिन तेंदुलकर का पहला कॉल

अजिंक्य रहाणे ने बताया कि सोशल मीडिया पर जैसे ही उनका विदाई वीडियो लाइव हुआ, वे खुद भी काफी भावुक थे। कुछ ही मिनटों के भीतर उनका फोन लगातार बजने लगा, लेकिन जो सबसे पहला कॉल उनके स्क्रीन पर फ्लैश हुआ, वह किसी और का नहीं बल्कि महान सचिन तेंदुलकर का था। सचिन इस अचानक लिए गए फैसले से काफी हैरान थे।

तेंदुलकर ने फोन पर रहाणे से सीधे शब्दों में पूछा, “अज्जू, यह फैसला इतनी जल्दी क्यों लिया? मुझे पूरी उम्मीद थी कि तुम अभी कुछ साल और मैदान पर टिकोगे और भारत के लिए फर्स्ट-क्लास या रेड-बॉल क्रिकेट में अपना अमूल्य योगदान देना जारी रखोगे”

संन्यास के ठीक बाद सबसे पहले सचिन तेंदुलकर ने किया था अजिंक्य रहाणे को कॉल ।

“करियर को घसीटना मेरी फितरत नहीं…” रहाणे का करारा जवाब

सचिन तेंदुलकर के इस गहरे सवाल पर अजिंक्य रहाणे ने जो जवाब दिया, उसने यह साबित कर दिया कि वे मैदान के बाहर भी उतने ही गरिमामय और स्पष्टवादी हैं जितने मैदान के अंदर थे। रहाणे ने सचिन से कहा, “पाजी, मैं अपने करियर को अनावश्यक रूप से आगे खींचना या घसीटना नहीं चाहता था। मैंने जब तक भारतीय जर्सी पहनी, अपने देश के लिए पूरी निष्ठा और जान लगाकर खेला। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो मेरे मन में कोई मलाल, शिकायत या पछतावा नहीं है। मुझे लगा कि खेल को अलविदा कहने का यही बिल्कुल सही, सटीक और सम्मानजनक समय था”।

रहाणे के इस जवाब ने सचिन को भी प्रभावित किया और उन्होंने रहाणे के इस साहसिक फैसले की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य की दूसरी पारी के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं।

ड्रेसिंग रूम से आए विराट, रोहित और पुजारा के ‘सीक्रेट’ मैसेजेस

इंटरव्यू के दौरान रहाणे ने इस बात का भी ज़िक्र किया कि सिर्फ सचिन ही नहीं, बल्कि उनके दौर के मौजूदा सीनियर खिलाड़ियों ने भी उन्हें याद किया। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, स्टार बल्लेबाज विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और उनके सबसे भरोसेमंद साथी चेतेश्वर पुजारा ने उन्हें बेहद खूबसूरत और भावुक मैसेजेस भेजे।

इन खिलाड़ियों ने रहाणे के साथ बिताए गए उन ऐतिहासिक पलों को याद किया जब टीम इंडिया मुश्किल में फंसी होती थी और रहाणे दीवार बनकर खड़े हो जाते थे। विशेष रूप से विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट में मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए रहाणे के योगदान की जमकर तारीफ की।

गाबा और मेलबर्न की ऐतिहासिक कप्तानी का वो दौर

अजिंक्य रहाणे के टेस्ट करियर की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 4931 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शानदार शतक शामिल हैं। लेकिन उनके करियर का सबसे सुनहरा पन्ना साल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा था। जब एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम महज 36 रनों पर ऑलआऊट हो गई थी और नियमित कप्तान विराट कोहली भारत वापस लौट आए थे, तब रहाणे ने टीम की कमान संभाली थी।

उनकी कप्तानी में भारत ने मेलबर्न में न सिर्फ पलटवार किया (जहां रहाणे ने एक ऐतिहासिक शतक जड़ा था), बल्कि गाबा के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के 32 साल के घमंड को तोड़कर सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। क्रिकेट इतिहास में रहाणे को एक ऐसे कप्तान के रूप में याद किया जाएगा जिसकी कप्तानी में भारत ने कभी कोई टेस्ट मैच नहीं हारा (5 मैचों में 4 जीत और 1 ड्रॉ)।

बिना किसी शोर-शराबे के खामोश विदाई

रहाणे ने हमेशा चकाचौंध और सोशल मीडिया की हाइप से दूरी बनाए रखी। उनका संन्यास भी उनके स्वभाव की तरह ही बेहद शांत और शालीन रहा। संन्यास के तुरंत बाद सचिन तेंदुलकर का पहला कॉल आना और वर्तमान दिग्गजों का उन्हें सलाम करना यह साफ बयां करता है कि रहाणे ने भले ही खामोशी से विदा ली हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उनका कद हमेशा एक सच्चे सिपाही और महान कप्तान का रहेगा।

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